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भूिमका

आज धरती पर लोकत ीय व थापन म जहाँ सरकार ारा सामािजक व था कया जा रहा ह,ै वह एक िविश समुदाय के ारा पसनल लॉ को बनाना और उतारना ब त ही अटपटा और अ वीकृत यो य ह।ै पर तु जहां धम के िलए सरकार ारा पसनल लॉ बनाया जा रहा ह ै और वत प स े सरकारी त ारा उनका सरं ण और चार सार कया जा रहा ह ै वहा ँ धम के ज म होन े स े पूव क व था, धम स े पहले क सं कृित और स यता को मानने वाल े लोग को सरकार और सरकारी िमशन रय ारा यान न दया जाना वा तिवक लोकत के धरती पर कायम होने म संदहे कट करती ह ै और कर रही ह।ै आज भी धम क उ पि से पुव के लोग शासन स ा और गाह े बगाह  ेअिधक शि अ जत कर लेने वाले लोग के ारा शोषण के िशकार हो रह े ह और शासन स ा पर आने वाल े लोग और धम के होने क वजह से धम क उ पि के पुव के लोग का कभी कागर उपाय नह क ह और न कर रह े ह। उनका दभु ा य यह भी ह ै क धम क उ पि से पुव के लोग क सं कृित और स यता को बचाये रखन े और उसका आज भी पालन करने वाल े लोग को िविधक प म लाने के िलए उ लोग क सव कृ पर परा को संजोने और िलिखत प म लाने के िलए यह पु तक िलिखत कया जा रहा ह।ै साधारण पु तक स े थोड़ा सा अलग िविध के प म हर त य को पैरा म अलग अलग तथा अ याय म सरं ि त कया गया ह ै ऐसा इसिलए क धम स े पवु क सं कृित और स यता को मानन े वाल े लोग जो यह मानते ह क इध धरती पर कृित क गोद म ज म लेने वाले सब का इस धरती पर बराबर का अिधकार ह ै तथा धरती पर आदम प म ज म लेने वाले सब एक ही प रवार ह, वसुधवै कुटु बकम ् तथा िजयो और जीने दो क भावना कूट कूट कर भरी ह ै िजसक वजह से ही तमाम धम और प थ का उदय आ अ यथा जीवन क उ पि और सम त सं कृित और स यता को दने े और लान े वाल े दणृ रहत े और कसी अ य पर परा का उदय ही न होने दते े। उ ह क सं कृित और स यता को लेकर उसे तोड़ मरोड़ कर उसे अ छा बताकर उ ह के ल ग को बगलाया गया और ऊँ च नीच क भावना तथा जगं लराज को आदम राज म घसु ान े और चलान ेका काय कया गया जो आज भी परुजोर कायम ह ै ऐसी ि थित म भी जगं लराज को समा करने के िलए ऊँ च नीच क भावना, बुजुआ और सवहारा क नीित जो आज रग रग म बस गई ह ै को समा करने खासकर उ कृित पूजक म तो इसका चलन न आये और कृित पूजक कृित पजू क बन े रह तथा वसुधैव कुटु बकम और िजयो और जीने दो क भावना धरती पर कायम रखने म य द सभी लोग न रख े तो उ कृित पूजक लोग म तो वह य क य बरकरार रह े कम न हो के िलए भी िविध को बनाना और उ ह एक िविध पर चलाकर वा तिवक लोकत को थािपत रखन े आर आदम राज म स े जंगलराज को गायव करने के िलए भी यह िविध बनाना आव यक ही नह अित अित अित आव यक हो गया था अ तु उ धम क उ पि य से पुव के लोग के िलए यह िविध बनाया जा रहा ह ै और आशा कया जा रहा ह ै क अब कृित पूजक लोग इधर उधर न भटक कर क यह धम अ छा ह ै वह धम अ छा ह ै के च र म न पड़कर तथा इनके उनके बहकाव े न े न पड़कर कृित को सुरि त रखने के िलए तथा आदम समाज और आदम जीवन को सुरि त रखन े के िलए बढ़ चढ़ कर सब बहकावे क चीज को छोड़कर अपनी इस पसनल लॉ को वीकृत करग े और इस पसनल लॉ पर चलकर कृित पयावरण और समाज को व छ, सु दर, सुर य, सुरि त और सु वि थत करगे। इस पसनल लॉ म धम से परे कृित पर आि त समुदाय जो िबख रत ह ै को एक म समािहत करने का यास कया गया ह ै और सभी कृित पूजक को एक नाम िनषाद के जाने और कह े जान े क घोषणा क गई ह।ै िनषाद ही य कहा जाय इसके िलए िनषाद श द क ापकता को एक अ याय म रखा गया ह।ै थानीय इकाई का िनमाण कैस े कया जायेगा कैसे अ य इकाइय का गठन कया जायेगा और कैसे संचालन कया जायगे ा सबको समािहत कया गया ह।ै समािजक सम या को लोग से लेकर उन सामािजक सम या को दरू करन े क भी व था सुझाई गई ह ै िजसम 24 अनुभाग बनाने क व था क गई ह ै जो िनषाद समाज के लोग के सम या को समा करने म सहयोग करगे और समाज स े सम या को समा करन े के पहल म साथ दगे। साथ ही िनषाद के अिधकार, उनके कत और दािय व क भी व था दी गई ह।ै सबस े मलू म ह ै क पाँच िनषाद िस ा त दये गय े ह िजसम शि के दु पयोग को अपराध माना गया ह ै िजसम गलत होना दखे कर चुप रहना और अिधक सोना भी अपराध क ेणी म आयेगा। हम आशा ही नह पूण िव ास ह ै क पूरा का पूरा िनषाद साथ दगे ा और इस िनषाद पसनल लॉ पर चलकर िनषाद समाज को एक नई ऊँ चाइय पर प चायगे।          इस िनषाद पसनल लॉ पर लोग के राय, िवचार, ट पड़ी सादर ाथनीय ह।ै  …………….

                                                                                                                  नल लॉ मय िनयमावली (               भक) Page

                              िनषाद पसनल लॉ उ ेि यका (       तावना)

     हम जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी के वासी एवं कृित पर आि त समदु ाय, आ दवासी सभी को िमलाकर बनने वाल े सगं ठन को िनषाद समाज कहे जाने और वय ं को उसका सद य कह े जान े को आब होते ह        तथा इस धरती, कृित और समाज को व छ, सु दर, सुर य, सरु ि त एवं सु वि थत करने व कराने के िलए       तथा उसम समािहत सम त सजीव , पादप एवं ाकृितक व तु को उनके जीवन ल य एवं आव यकता के अनु प व था एवं थान दान करने व कराने के साथ उनक जीवन र ा एवं सुर ा तथा उनक आपस म एक दसू रे के ित सहयोग, उपयोग और उपभोग म और अिधक सहयोगी तथा और अिधक उपयोगी, बनाने के िलए तथा उनसे स बि धत अ य आव यक िवकास एवं िनब धन काय के साथ, 

        समाज म अमन, चैन, शांित व सा य क पराका ा ा करने व कराने के िलए तथा          उसम समािहत सम त बुि जीवी, िववके शील, सामािजक एवं सव कृ

ाकृितक ािणय क उनम पराका ा िस करने के िलए और कराने के िलए उन सब ि य को सामािजक, आ थक, राजनीितक एवं शै िणक याय!, िवचार, अिभ ि , िव ास, धम और उपासना क व छंदता िनब धक वतं ता; ित ा अवसर, ान िव ान, साधन ससं ाधन, िविध िवधायन क समता ा कराने के

िलए सबके सब म ि क ग रमा, कृित क शु ता, धरती व समाज क एकता व अख डता शुिनि त करने वाली ब धतु ा बढ़ाने के िलए दढ़ृ सकं प होकर धरती पर लोक व था के िलए हम अपनी िनषाद पसनल लॉ को वीकृत एव ं आ मा पत करते ह ।        

 

                                                                                             िनषाद पसनल लॉ मय िनयमावली (                भक) Page

    िनषाद पसनल लॉ व िनयमावली, िवषय सचू ी

पैरा

िवषय

पृ सं

 

िवषय सूची

3-7

 

उ ेि यका

8

 

अ याय 1 ारि भक

9-11

1.  

नाम

9

2.  

पता

9

3.  

घोषड़ा एव ं िव तार

10

4.  

िव तारक एव ारि भक कायकारणी बनाया जाना

10-11

 

अ याय 2 थानीय इकाई

12-14

5.  

थानीय िव तारक

12

6.  

थानीय ारि भक प रवार सूची

12

7.  

थानीय इकाई िनमाण या पनु गठन ाथना प

12

8.  

बैठक म प रवार पंजीकरण कया जाना

12

9.  

पंजीकृत प रवार पंिजका म दज कया जाना, समूह िनमाण एवं 12 वष क कायकारणी का जारी कया जाना

12

10.  

समूह के पद व पदािधकारी

 

12

11.  

हर प रवार ारा यूनतम वा षक अंशदान का दया जाना अिनवाय

 

12

12.  

कायकारणी गठन क सूचना

 

12

13.  

थाई कायकारणी के साथ अ य कायकारिणय का गठन कया जाना

 

13

14.  

थानीय िव तारक को सवे ा शु क

 

13

15.  

िनषाद सं कृित चारक

 

13

16.  

िनषाद सं कृित चारक का चयन

 

13

17.  

िनषाद सं कृित चारक को सेवा शु क

 

13

18.  

िनषाद सं कार के        

 

13

19.  

िनषाद सं कृित सेवक

 

13

20.  

िनषाद सं कृित सेवक क यो यता

 

13

21.  

सं कृित का िश ण एवं सेवक का चयन

 

13

22.  

सं कृित सेवक ारा आयोजक से शु क न िलया जाना

 

14

 

अ याय 3 

जल, जगं ल, पहाड़ एव नदी घाटी के वासी एवंं        कृित पर आि आ दवासी के स बोधन के िलए एक श द िनषाद और उसक

त समदु ाय,  मह ा

14-16

23.  

जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी के वासी एवं कृित पर आि त समुदाय, आ दवासी के िलए एक श द (िनषाद)

14

24.  

िनषाद श द क          ापकता

14

 

 

 

िनषाद श द का अथ

14

 

िनषाद सुर का सातवां पद

15

 

पूरा जीवन िनषाद है

15

 

शरीर म दय िनषाद है

15

 

   दीप जलान े वाला हर      ि   िनषाद है

15

 

भोर(सयू के िनकलने का समय) क बेला है िनषाद

15

 

जीवन क उ पि के समय का समाज ह ै िनषाद

15-16

 

कौन िनषाद है? कौन िनषाद नह है?

16

 

अ याय 4 

िनषाद क शासन सिमित

16-17

25.  

िनषाद पसनल लॉ क शासन सिमित

16

26.  

िनषाद पसनल लॉ के शासन सिमित म पद

17

27.  

शासन सिमित का गठन

17

28.  

     शासन सिमित का कत          , अिधकार एवं दािय व

17

29.  

शासन सिमित का कायकाल

17

30.  

    आकि मक रि           या भंग क दशा म उपबंध

17

31.  

शासन सिमित को कोई एक वसाय या ित ान थािपत करने और आजीवन चलाने और उ का 50% लाभ अपनी उ शासन सिमित के सद य म बराबर बराबर लने े का अिधकार

17

 

अ याय 5

िनषाद अनशु ासन सिमितयां

17-19

32.  

सामािजक अनुशासन सिमित

17-18

33.  

आ थक अनुशासन सिमित

18

34.  

राजनैितक अनुशासन सिमित

18

35.  

शैि क अनुशासन सिमित

18

36.  

सां कृितक अनुशासन सिमित

19

37.  

िनषाद अनुशासन सिमित

19

38.  

अनुशासन सिमित के आदशे िनदश क अपील

19

 

अ याय 6 शासन अनभु ाग

19-25

39.  

िनषाद के शासन अनुभाग

19

40.  

े पाल अनुभाग ( थम अनभु ाग)

19

 

           िनषाद प रवार को एक िनि त थाई लाट म                   वि थत कये जाने का यास

20-21

41.  

िनषाद प रवार एवं सद यता अनुभाग (ि तीय अनुभाग)  

21

42.  

िनषाद कत      , अिधकार, दािय व,      ि   एवं    ि       व िनधारण अनुभाग (तृतीय अनभु ाग

21

43.  

िनषाद मानक एवं िनि तता अनुभाग (चतुथ अनभु ाग)

21

 

44.  

िनषाद याियक अनुभाग (पाँचवा अनभु ाग)  

22

45.  

अनुपालन एवं दाि डक अनभु ाग (छठाँ अनुभाग)  

22

46.  

अ वेषण अनुभाग (सातवाँ अनुभाग)

22

47.  

जाँच अनुभाग(आठवाँ अनुभाग)

22

48.  

िश ा अनुभाग (नवाँ अनुभाग)

22

49.  

     वा        य अनुभाग (दशम अनुभाग)

22-23

50.  

   व          एवं कपड़ा अनुभाग ( यारहवाँ अनुभाग)

23

51.  

व तु एवं संसाधन अनुभाग (बारहवाँ अनुभाग)

23

52.  

यातायात, प रवहन अनुभाग ( योदश अनुभाग)

23

53.  

कृिष, बागवानी, फल, सि जयाँ एवं बीज संर ण अनुभाग (चौदहवाँ अनभु ाग)

23

54.  

     उ ोग अनुभाग (प        हवाँ अनुभाग)

 

23

55.  

ापार िवपणन अनुभाग (सोलहवाँ अनुभाग)  

 

24

56.  

िव ान एवं आिव कार अनुभाग (स हवाँ अनुभाग)

 

24

57.  

पशुपालन, डेयरी, म य पालन, व यजीव, पि य एवं जलीय जीव संर अनुभाग)

ण अनुभाग (अ ारहवाँ

24

58.  

     खिनज एवं ाकृितक         व था अनुभाग (उ ीसवाँ अनभु ाग)

 

24

59.  

सूचना एवं संचार अनुभाग (बीसवाँ अनभु ाग)

 

24

60.  

           कला, खेल, मनोरंजन एवं सं कृित अनुभाग (इ            सवाँ अनुभाग)

 

24

61.  

        मतदाता मचं एवं सरं          ण अनुभाग (बाइसवाँ अनभु ाग)

 

24

62.  

संर ण एवं चयन अनुभाग (तइेसवा ँ अनुभाग)

 

24-25

63.  

िवप अनुभाग (चौबीसवा ँ अनुभाग)

 

25

64.  

शासन अनुभाग म चयन और यो यता

 

25

65.  

शासन अनुभाग म सवे क को यथोिचत मानदये का दया जाना

 

25

 

अ याय 7

                                                  िनषाद का अिधकार, कत         दािय व , और

 िनषधे

25-26

66.  

   िनषाद के         येक सद य का अिधकार

25

67.  

    िनषाद का कत    

25

68.  

िनषाद का दािय व 

26

69.  

िनषाद के िलए िनषेध

26

70.  

िनषाद िस ा त

26

 

अ याय 8 क ण

27-32

71.  

िनषाद, काय संचालन अंग एवं ढाँचा

27

72.  

झंडा और यूनीक िच ह

27

 

 

                 शासन सिमित के पदािधका रय का चयन तथा पद के अिधकार, कत                एवं दािय व

27

73.  

िनषाद शासन सिमित के पदािधकारी

27

74.  

       पद के अिधकार, कत      एव ं दािय व

27

75.  

पदािधका रय का चयन

28

76.  

पंचपरी ण यागमन प ित

28 -29

77.  

चयन के िलए सूचना और समय

29

78.  

िनषाद शासन सिमित क िज मदे ारी 

29

79.  

शासन सिमित को अपने उ े य के आधार पर कोष खुलवाने और उ उ े य म उपयोग करने का अिधकार

29

80.  

हर थानीय तर पर मिृ त अंश दान कोष का िनमाण और कसी मृतक को पीताबं र दने  ेऔर तरे हव करने  क रोक और पीतांबर व तेरहव क रािश मिृ त अंश दान कोष म जमा कया जाना तथा उ रािश को मिृ त ितयोिगता म उपयोग म लाया जाना

29 -30

81.  

क ठनाइय को दरू कया जाना तथा पसनल लॉ म संसोधन एव ं प रवतन

30

82.  

      िनषाद पसनल लॉ वीकृित        ताव

30

83.  

पसनल लॉ बनाये जाने और सरकार के सम मा यता हते ु रखे जाने के समय के सभी लोग का संक प प िलया जाना

30

84.  

िनषाद पसनल लॉ वीकृत संक प (सामूिहक)

30-31

85.  

         िनषाद पसनल लॉ वीकृत संक प (        ि   गत)

31

86.  

िनषाद पसनल लॉ का लागू होना

31

87.  

आनलाइन िव तार

31-32

88.  

पूरे भारत देश को कवर करने का काय म

32

89.  

नषाद पसनल लॉ काशन हेत ु शुभकामना सदंेश हेत ु आ वा ह और दातागण को मलाकर वतन

समत बनाया जाना

32

िनयम

िनयमावली

33-59

3.  

सद यता आवेदन प                              

प 1 

34

4.  

सद यता पंिजका                                   

प 2 

35

5.  

िव तार पंिजका ( े )                             

प 3

36

6.  

िव तार पंिजका (जाित)                           

प 4

37

7.  

िव तारक आवेदन प                              

प 5

38

8.  

   िव तार स    य करन े हते ु सचू ना                 

प 6

39

9.  

िव तारक / संचालक हटाये जाने का प       

प 7

40

10.  

           िव तारक / संचालक बनाये जाने का प             (            प 8)

41

11.  

             ारि भक कायकारणी िनमाण बैठक कायवाही                       प 9

42

12.  

          तािवत कायकारणी                                                   प 10

43

13.  

   उ        त कायकारणी को अनुमोदन हते ु       ाथना प                  प 11

43

14.  

      काय अिधकार प                                                           प 12

44

15.  

बक अकाउंट खोले जाने क सूचना                                  प 14

 

45

16.  

कायकारणी के काय न कये जाने क सूचना पैरा 4(7) नोट                                प 15

 

46

17.  

कायकारणी भंग कये जान े का                  प पैरा 4(7) नोट                  प 16

 

47

18.  

         थानीय िव तारक आवेदन                                                                  प 17

 

48

19.  

       थानीय          तािवत प रवार सूची पैरा 6                                               प 18

 

49

20.  

िनषाद समाज थानीय इकाई िनमाण हेतु पंजीकरण                       ताव प                 

प 19

50

 

प 19 का पृ

 

 

51

21.  

िनषाद समाज थानीय इकाई िनमाण बैठक सूचना         

प 20

 

52

22.  

िनषाद प रवार पंिजका                                      प 21

 

 

53

23.  

प रवार पंजीकरण रसीद                                          

प 22

 

54

24.  

िनषाद समाज पंजीकृत प रवार पंिजका                                  प 23

 

 

54

25.  

िनषाद िवप प रवार पंिजका                            प 24

 

 

55

26.  

12 वष क कायकारणी                                                 प 25

 

 

55

27.  

शपथ                                                                 प 26

 

 

56

28.  

कसी नय े      ि    को पसनल लॉ दने े का        प 

 

 

56-57

29.  

िनषाद जयंती आयोजन उ र दशे सूचना

 

 

58

30.  

केवट जयतं ी आयोजन म य दशे सूचना

 

 

59

31.  

अ य जात उपजात के काय म को जोड़ने का वक प

 

59

      

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

जल, जगं ल, पहाड़, नदी घाटी के वािसय ,  एवं कृित पर आि त समदु ाय,  सिहत आ दवािसय 

(िनषाद समाज)  क पसनल  लॉ

जल, जगं ल, पहाड़ एव नदी घाटी के ं वािसय एवं कृित पर आि त समुदाय सिहत आ दवािसय िनषाद को ट के प म िनषाद क एक उपजातीय समुदाय के सद य िनषाद रामजीत आ दवंशी ारा बही सं0 4 िज द सं0 165 के पृ सं0 31 से 48 तक मांक 1 पर द0 01/01/2021 को िनषाद समाज नाम से ट पजं ीकृत कराया गया। िजस यास िवलेख क पैरा

6(İİ) म हर थानीय तर पर यास क थानीय यासी वोड का िनमाण कराया जाना और उ ह संचािलत कराया जाना

िनधा रत ह।ै िनषाद आज अनेक समुदाय म दरू दरू तक धरती के कोन कोनेे हर े म फैला आ है तथा उनके तमाम काय को उ ट म कया जाना है िजसके िलए ट क िनयम या िनयमावली कम पड़गे ा। सम त के िलए िविध बनाया जाना आव यक है अ तु िन िलिखत प म िनषाद पसनल लॉ बनाई जा रही है:-

उ ेि यका –

हम जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी के वासी एवं कृित पर आि त समुदाय, आ दवासी सभी जो जीवन क उ पि के थम पायदान पर आज भी िनवािसत पाये जा रहे ह तथा अि क खोज करने पर अ धकार (िनषा) को िमटाने वाले, दमन करने वाले श द का द यय को जोड़ने से ा नाम िनषाद के नाम से भी जाने जाते ह उसी नाम के लोग यानी िनषाद के लोग कहने और मानने के साथ इसी िनषाद नाम के कहे जाने को आब होते ह तथा इस धरती, कृित और समाज को व छ, सु दर, सुर य, सुरि त एवं सु वि थत करने व कराने के िलए तथा उसम समािहत सम त सजीव , पादप एवं ाकृितक व तु को उनके जीवन ल य एवं आव यकता के अनु प व था एवं थान दान करने व कराने के साथ उनक जीवन र ा एवं सुर ा तथा उनक आपस म एक दसू रे के ित सहयोग, उपयोग और उपभोग म और अिधक सहयोगी तथा और अिधक उपयोगी, बनाने के िलए तथा उनसे स बि धत अ य आव यक िवकास एवं िनब धन काय के साथ, समाज म अमन, चैन, शांित व सा य क पराका ा ा करने व कराने के िलए तथा उसम समािहत सम त बुि जीवी, िववेकशील, सामािजक एवं सव कृ ाकृितक ािणय क उनम पराका ा िस करने के िलए और कराने के िलए उन सब ि य को सामािजक, आ थक, राजनीितक एवं शै िणक याय!, िवचार, अिभ ि , िव ास, धम और उपासना क व छंदता िनब धक वतं ता; ित ा अवसर, ान िव ान, साधन संसाधन, िविध िवधायन क समता ा कराने के िलए सबके सब म ि क ग रमा, कृित क शु ता, धरती व समाज क एकता व अख डता शुिनि त करने वाली ब धुता बढ़ाने के िलए दढ़ृ संक प होकर धरती पर लोक व था के िलए हम अपनी इस िनषाद पसनल लॉ को वीकृत एव ं आ मा पत करते ह । 

 

 

अ याय १ ारि भक

  1. नाम :-
  2. यह एक द ावेज है िजसका नाम िनषाद पसनल लॉ रखा जा रहा है िजसम जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी वािसय एवं कृित पर आि त समदु ाय, आ दवािसय के संगठन और उनके िवकास के काय करने के िवषय म येक िब दु को िलिखत कया गया है और इस पसनल लॉ के आधार पर बनने वाले संगठन को िनषाद समाज कहा जायेगा।
  3. हर तर पर िनषाद समाज क इकाई और उसका नाम :- शासन, शासन, भौगोिलक और राजनीितक तर िव , महा ीप, ीप, रा , रा य, िजला, िवकास ख ड या लाक, गाँव तर पर िजतने जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी वासी एवं कृित पर आि त समदु ाय, आ दवासी िनवािसत ह सभी को िमलाकर उस हर तर पर िनषाद समाज क इकाई थािपत क जायेगी। पर तु राजनीितक तर लोकसभा, िवधानसभा तथा अ य पर मतदाता मंच का भी िनमाण कया जा सकेगा। नगरमहापािलका व नगर िनगम को रा य तर माना जायेगा तथा नगरपािलका लाक तर माना जायेगा तथा नगरपंचायत गाँव तर माना जायेगा। 
  4. इस िनषाद पसनल लॉ ारा िव िजसका नाम पृ वी ह ै म िनवािसत सम त जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी वािसय एवं कृित पर आि त समदु ाय, आ दवािसय को समािहत करते ए इस समाज का पुन नमाण और पुनगठन कया जाता ह ै इस िव िजसका नाम पृ वी ह ै के सम त लोग को िमलाकर िव , पृ वी क इकाई कही जायेगी तथा इस कार संग ठत इकाई का नाम िनषाद समाज िव इकाई पृ वी कहा जायेगा।

नोट :- इस िवधान का उपयोग िजस तर के िलए कया जा रहा ह,ै हर थान पर जहा ँ कह भी िव दज ह ै के थान पर उसका तर माना जायगे ा और जहा ँ कह भी पृ ी दज ह ै के

थान पर उस तर का नाम माना जायगे ा। 

  1. पता :-
    1. िनषाद समाज अपने नाम से जमीन ा करके अपना मु यालय थािपत करेगा िजसका पता िनषाद समाज का पता होगा।
    2. भारत के रा ीय तर का कायालय भारत के म य म य दशे म होगा।
    3. जब तक जमीन ा नह होती ह ै तब तक इसका मु यालय, िनधा रत पद, पदािधकारी का नाम व पता होगा।
    4. ार भतः िनषाद समाज का पता पजं ीकृत कायालय C/O रमेश िनषाद वंधक िनषाद समाज

( ट) मोह ला चक यारअली, परगना हवेली तहसील सदर जौनपुर उ र दशे 222001 ह।ै स पक नं कायकारी 7897314809 व वंधक 7275701101,

  1. जबलपुर कायालय : िनषाद समाज िजला इकाई जबलपुर कायालय C/O िनषाद राजे संह केवट पता 2582/01, पिव नगर, लालकुआँ, पो ट पोली पाथर, वारीघाट रोड, िजला जबलपुर, म य दशे िपन कोड 482008 ह।ै स पक नं 9755013821

 

नोट :- इस परै ा म पद, पदािधकारी का नाम व पता के थान पर उस तर के िव तारक या अ य या िजस पदािधकारी के पास रखन े क सहमित बन  ेऔर जो पदािधकारी सभी कागज कागजात सुरि त रखन े का िज मदे ारी लते ा ह ै या दया जाता ह ै उसका पद नाम व पता होगा। िव तारक के पास रहना मखु ता म होगा। जो के ीय कायकारणी के पास दज होगी।

  1. घोषणा एवं िव तार :-

(1). िनषाद पसनल लॉ क घोषणा आज दनांक 10 अग त 2025 दन रिववार को कया जा रहा ह।ै इसका िव तार वयं को जल, जंगल, पहाड़ एवं नदी घाटी के वािसय एवं कृित पर आि त समदु ाय सिहत आ दवािसय िनषाद का सद य मानने वाले और इस िनषाद पसनल लॉ के आधार पर 100 पय े (के ीय कायालय बनने और के ीय कायालय का खाता खोले जाने तक) िनषाद समाज के खाता स ं 318321010000038 – IFSC – UBIN0931837 म भेजकर उ के माण के साथ प 1 म सद यता व ह ता र वीकार करके अपने थानीय तर के कायालय म जमा करने वाल पर यह िव ता रत होगा। िजसका िववरण िनषाद के ीय कायालय म प 2 के पंिजका म दज हो।

(2). िनषाद समाज के जबलपुर म य दशे के चाल ू खाता (करट अकाउंट) वारीघाट यूको बक नंबर 11710210001271, ऑनलाइन स वस     हते ु     UPI     ID

                   11710210001271@ucobank                        तथा           IFSC

                   UCBA0001171 म या सलं               य ू आर कोड म भी अपनी सद यता भजे सकते ह।

  1. िव तारक और ारि भक कायकारणी बनाया जाना :- इस िनषाद पसनल लॉ के िव तार और

िनषाद समाज के हर े और थान तक प चँ न के िलए  े

  1. िनषाद समाज िव तर पृ वी अपने िव तर क प 3 म िव तार पंिजका बनायेगी। िजसम

िव तार का े और िव तारक का नाम तथा िव तार कये जाने क कायवाही दज कया जायगे ा। प 4 म जाित, उपजाित, कुरी, कौम के िव तार और िनषाद समाज म आना और समािहत होना दज कया जायेगा। िजस जाित उपजाित को िनषाद समाज के पदािधका रय और सद य को जानकारी और िव ास नह ह ै क यह िनषाद समाज म आते ह या नह आते ह के स ब ध म उ

ि जो अपने आवेदन म अपना जाित उपजाित कुरी कौम जो िलखता ह ै और दज करता ह ै के असमंजस और थम आगमन पर उ थम आगत ि से उ जाित उपजाित कुरी कौम टाइटल के ित एक आवदे न िलया जायगे ा क उ नाम या टाइटल कस े म लगाया जाता ह ै और वह िनषाद समाज अथात जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी वासी, कृित पर आि त समदु ाय, आ दवासी ह ै जो अपने आपको िनषाद समाज का सद य मानता ह ै और िनषाद समाज म अपनी उ जाित उपजाित कुरी कौम को समािहत रखना और एक करना चाहता ह।ै ऐसे प टीकरण को ा करके उ तर के पदािधकारी उस जाित उपजाित कुरी कौम का िववरण प 4 म दज करगे और अपने उ त और अ य कायकारिणय को ेिषत करगे। ऐसे प 4 म दज जाित उपजाित कुरी कौम िनषाद समाज का समुदाय/उपजाित िनषाद का पयायवाची माना जायेगा।

  1. िनषाद समाज हर तर पर एक िव तारक बनायेगा। जो कोई िजस थान े म िनषाद समाज का िव तार करना चाहते ह। अपनी सद यता ा करके उस तर का िव तारक कोई ह ै अथवा नह ह ै पैरा 2 C म दज नं व पता पर पूँछताछ करके प 5 म िव तारक आवेदन करगे।
  2. िजस तर का िव तारक आवदे न आया ह ै उस तर के य द कोई िव तारक ह तब कायकारणी का गठन और कायकारणी का स य होना चके कया जायेगा। य द कायकारणी स य और न हो तो उस तर के िव तारक को कायकारणी को स य करने को कहगे और स य करने क प 6 म सूचना दगे। 10 दन 10 दन के अ तर पर उ त कायकारणी तीन सूचना दगे। तब पर भी कायकारणी स य न हो तो उस िव तारक को प 7 म हटा दया जायेगा। उ िव तारक को पद युत करके नया िव तारक प 8 म बना सकगे।
  3. िव तारक का यह दािय व होगा क िजतनी ज दी हो सके िव तारक बनने के 10 दन के अ दर अपने े म िनषाद का िव तार करके, उस तर का ारि भक कायकारणी गठन कराय।
  4. िव तारक अपने तर ( थानीय या गाँव कायकारणी को छोड़कर) पर िनषाद कायकारणी का गठन कराने के िलए दो संर क िजनक उ 60 वष से ऊपर हो तथा एक अ य एक उपा य एक व र सिचव एक किन सिचव और एक आडीटर तथा दो कायकारणी सद य का चयन करके नाम व पद सिहत उनक सद यता और बैठक क कायवाही प 9 म व तािवत कायकारणी प 10 म को उ त कायकारणी स े अनुमोदन हते ु प 11 भजे गे।
  5. उ त कायकारणी ऐसा अनुमोदन आवदे न ा करके अनुमो दत करके ारि भक कायकारणी को काय अिधकार प प 12 ेिषत करगे।
  6. कायअिधकार प ा करके ारि भक कायकारणी अपनी इकाई का बक अकाउंट खलु वायगे। अकाउंट खोल े जाने क सचू ना उ त कायकारणी को प 14 म दगे तथा िनषाद समाज क कायकारणी का िविधवत काय और गितिविधयां संचािलत करवायगे और शासन थानीय इकाई तथा अ य तर पर शासन सिमित तथा अ य सिमितय का िविध अनुसार गठन कराय गे तथा ारि भक कायकारणी शासन सिमित म सािमल रह सकेगी। आव यकता पड़ने पर कायकारणी का उस तर का संचालक का हिै सयत रखते ए भंग और गठन करायगे।

नोट – इस पैरा म िव तारक को अपने तर के कायकारणी को भंग करने के अिधकार म सचं ालक का हिै सयत रखते ए उपवा य से यह नह माना जायेगा क िव तारक िनषाद समाज के सचं ालक ह गे। जब कभी कायकारणी काय न कर रही हो और िविध का पालन न कर रही हो मनमाना कर रही हो ऐसी ि थित म िव तारक ारा कायकारणी को प 15 से काय और गितिविध सुधार करने क 10 – 10 दन के अ तराल पर तीन सूचना और िहदायत के उपरा त संचालक का हिै सयत ा हो जायेगा तथा कायकारणी को प 16 म भगं कर सकग े और शासन सिमित का गठन कराने के उपरा त संचालन का अिधकार समा हो जायगे ा पर तु िव तारक बने रहगे। 

 

 

 

अ याय 2 थानीय इकाई

  1. थानीय िव तारक – गाँव / नगर पंचायत / वाड अथात सुगमता स े प चँ के थानीय तर पर िव तार के िलए थानीय िव तारक ह गे। थानीय िव तारक बनने के िलए पैरा 4 क उपपैरा 2 के अनुसार पता करके िव तारक बनने को अ सर ह गे।
  2. थानीय ारि भक प रवार सचू ी – थानीय िव तारक को अपनी थानीय िव तारक आवेदन प

17 के साथ अपने थानीय तर के िनषाद समाज के प रवार के मुिखया के नाम क सूची चू हा वाइज कसी एक दशा को के मानकर एक कोने से थानीय तािवत प रवार सचू ी प 18 बनाकर तुत करना होगा। 

  1. थानीय इकाई िनमाण या पनु गठन ाथना प – थानीय िव तारक बनने के 10 दन के अ दर थानीय िव तारक को उ तािवत प रवार सूची के सं या से 10-20 अिधक िनषाद थानीय इकाई िनमाण प 19 या पनु गठन ाथना प दने े के 10 दन के अ दर म का बैठक का थान व समय िनधा रत करके ाथना प प 20 जसै ी आव यकता हो म सभी प रवार को एक करने क सचू ना दके र िनधा रत समय पर बैठक करके सभी लोग को िनषाद पसनल लॉ क जानकारी दग े और पसनल लॉ अनसु ार बनने वाली सिमितय उपसिमितय और समहू क जानकारी दान करगे।
  2. बठै क म प रवार पंजीकरण कया जाना – बैठक म प रवार पंजीकरण क व था दके र िनषाद प रवार पंिजका प 21 म पंजीकरण करा सकगे।
  3. पजं ीकृत प रवार पिं जका म दज कया जाना, समहू िनमाण एव ं 12 वष क कायकारणी का जारी कया जाना – बैठक के बाद िनषाद समाज के प रवार के लोग के घर तक जाकर प रवार के सद य का पंजीकरण प रवार पंिजका म दज करगे। पंजीकरण शु क 100 पये क मांग करगे। िमलने पर आनलाइन तुरंत खाते म भजे कर उ के इवट आई डी के साथ प रवार पंजीकरण रसीद प 22 दगे। पंजीकरण रािश जमा करने पर उ प रवार को पंजीकृत प रवार पंिजका प 23 म सािमल करगे जो िवरोध जताता ह ै अथवा कसी कार का आ ेप करता ह ै उनका नाम िवप ी प रवार पंिजका प 24 म कारण के साथ दज करगे और सभी पजं ीकृत प रवार क मशः सचू ी बनाकर समहू के अनुसार 12 वष क थाई कायकारणी का िनधारण करगे और कायकारणी िनधारण प 25 म करके पुनः पंजीकृत प रवार को सचू ना दग े और बठै क करके थाई कायकारणी को प 26 म सपथ दलायगे।
  4. समूह के पद व पदािधकारी :- समूह म उ प रवार क मिहलाएं सािमल क जायगी और समूह म तीन पद होगा अ य कोषा य एव ं सिचव जो थम चयन पर थम ि तीय और तृतीय प रवार पर होगी और ित वष एक पद वतः यागिमत होती रहगे ी।
  5. हर प रवार ारा यनू तम वा षक अशं दान का दया जाना अिनवाय – हर प रवार को

100 पया यूनतम वा षक अंशदान दने े पर ही समाज उनका य सहयोग कर सकेगी अ यथा य सहयोग नह कर सकेगी अ य सामािजक सहयोग ही करेगी”। 

  1. कायकारणी गठन क सूचना – थानीय कायकारणी ग ठत होकर सपथ हण करके अपन े उ त कायकारणी को रपोट करेगी और सुचा पूवक समाज काय करेगी।
  2. थाई कायकारणी के साथ अ य कायकारिणय का गठन कया जाना – थानीय

िव तारक अ य इकाइय का भी उसी दनांक म कोिशश करके गठन करा ल और िव तारक / संचालक के प म कायकारणी पर पैनी िनगाह बनाये रख।

नोट – अ य इकाइय म – शासन सिमित, वयं सहायता समहू , थाई कायकारणी, सामािजक अनुशासन सिमित, आ थक अनुशासन सिमित, राजनीितक अनुशासन सिमित, शैि क अनुशासन सिमित, सां कृितक अनुशासन सिमित, िनषाद समाज अनुशासन सिमित तथा अ य भी ह गी जो समय समय पर तािवत होकर इस कालम म दज कर सुझाई जायं ।

  1. थानीय िव तारक को सवे ा शु क :- येक थानीय िव तारक को उनके गाँव/नगर म के

िनषाद प रवार क सं या X 5 ितमाह के िहसाब से सेवा शु क दया जायेगा िजसके एवज म िव तारक को अपने तर पर येक चतुथ सटरडे को िनषाद स मले न का आयोजन करना होगा और उसम आये ए

िनषाद लोग को िनषाद के नीित िनयम िस ा त को बताना होगा और िनषाद सद य ारा आये ए  और आ ेप आ द का िनराकरण करना होगा।

  1. िनषाद सं कृित चारक – हर तर पर एक िनषाद सं कृित चारक द पि ह गे। जो िनषाद प रवार को सूचना दने े का काय करगे तथा िनषाद समाज के सां कृितक काय को िविध पूवक कराने म िनषाद समाज के सं कृित सेवक का सहयोग करेग।
  2. िनषाद सं कृित चारक का चयन – थानीय तर का जो कोई द पि िनषाद सं कृित और स यता का चार सार करने के इ छुक ह और िनषाद सं कृित और स यता क जानकारी रखते ह या

िश ण ा ह िनषाद सं कृित चारक के प म आवदे न कर सकगे। पर त ु एक से अिधक आवेदन होन े पर उ ह चयन क या ारा चयिनत कया जायेगा।

  1. िनषाद सं कृित चारक को सवे ा शु क – िनषाद सं कृित चारक को िनषाद समाज के येक प रवार को       यके सचू ना के बावत ित प रवार ारा 1 पया दान कया जायेगा।
  2. िनषाद सं कार के – िनषाद समाज हर तर पर िनषाद सं कार के   क थापना करेगा और

िनषाद सं कृित और स यता के िवकास के ित सं कार के के मा यम से आव यक आयोजन योजन करेगा तथा सं कृित चारक एवं सं कृित सेवक को िश ण क व था देगा तथा सं कृित और स यता म भर दी गई कुरीितय को तक संगत ढंग स े समा कराने के ित अ ययन शोध चार सार कराने का काय करेगा।

  1. िनषाद सं कृित सवे क – हर तर पर िनषाद सं कृित सेवक ह ग े जो िनषाद समाज के प रवार के घर तथा अ य सामूिहक सां कृितक आयोजन और योजन को करायगे।
  2. िनषाद सं कृित सवे क क यो यता – जूिनयर हाई कूल तथा 9व एवं 11व के छा या छा ाएं िनषाद सं कृित सेवक बनने के यो य ह गे।
  3. सं कृित का िश ण एव ं सवे क का चयन – शीतावकास के दौरान 8 दन िनषाद स यता और सं कृित िश ण दान कया जायेगा िजसम कोई भी िनषाद सािमल हो सकगे। 8 दन िश ण उपरा त परी ा होगा परी ा म उ ीण छा को उनके थानीय तर के िलए एक वष के िलए चयन कया जायेगा।
  4. सं कृित सवे क ारा आयोजक स े शु क न िलया जाना – सं कृित सेवक कसी भी आयोजक से कसी कार का चढ़ावा इ या द नह चढ़वायगे और आयोजन कराने के वा ते कसी भी आयोजक स े कोई शु क नह लगे। य द आयोजक चाह तो सं कृित सेवक को अगं व या िश ण साम ी दि णा

व प दे सकगे और उसे ा करने म उ ह कसी कार क बा यता नह होगी। अ याय 3 

जल, जगं ल, पहाड़ एवं नदी घाटी के वासी एवं कृित पर आि त समदु ाय, आ दवासी के स बोधन के िलए एक श द िनषाद और उसक मह ा

  1. जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी के वासी एवं कृित पर आि त समदु ाय, आ दवासी के

िलए एक श द (िनषाद) – जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी के वासी एवं कृित पर आि त समुदाय, जो आ दवासी कह े जात े ह। जो जीवन क उ पि के थम पायदान पर आज भी िनवािसत ह। िजनम से ही सारी सं कृित और स यताएं िनकली। उनक सं कृित और स यता को लके र उस सं कृित और स यता म ची टंग धोखेवाजी डालकर ऊँ च नीच बड़ा छोटा क भावना रखने वाल के ारा उ ह अपने अनु प ढालते ए बदलने का यास आ दकाल से कया जाता रहा पर तु उ आ दकालीन सं कृित और स यता उनम आज भी भरी पड़ी ह।ै सदवै िन वकार रहने और वसुधैव कुटु बकम क भावना रखने वाले अपनी सं कृित आचाय दवे ो भवः, अितिथ दवे ो भवः के अनुपालन म सदा छल े गये। कुछ तो बदलते रह े बदले पर तु उनम स े कृित पूजक क भावना कभी नह गई। जो आज भी उनम कूटकूट कर भरी है। राज स ा और ऊँ च न च क भावना और उसक आग म उ सं कृित और स यता के लोग अलग नाम अलग सं कृित अपनाते और िबखरते रह े पर तु उनके अ दर क कृित पजू क क भावना कभी नह गई अब उन सब भलू े िवसरे िबखर को सजं ोने के िलए यह िविध अपनाई जा रही ह ै और उन सब के िलए एक श द िनषाद वीकृत कया जा रहा ह।ै उसी श द िनषाद से स बोिधत कराना उिचत और ेय कर समझा जाता ह ै और उसी िनषाद नाम स े स बोिधत कय े जायगे।

  1. िनषाद श द क ापकता – िनषाद श द ब त ापक ह।ै इस े एक समहू , समदु ाय या जाित सूचक श द मानना इस श द क मह ा को कम करना ह।ै िनषाद श द क ापकता िनषाद श द के अथ म ही िछपा ह।ै िनषाद एक सं कृित ह ै एक स यता ह ै जो धम क उ पि से पवु क सं कृित और स यता है जो िजयो और जीने दो वसुधैव कुटु बकम व आचाय दवे ो भवः अितिथ दवे ो भवः क भावना रखता ह।ै

िनषाद श द का अथ

िनषाद = िनः + षाद ⇒ िनः = िबना, षाद = िवकार ⇒ िबना + िवकार ⇒ िबना िवकार के

िनषाद = िनशा + द ⇒ िनशा = अ धकार, द = ( यय) दमनकता ⇒ अ धकार का दमनकता इस कार िनषाद का अथ िबना िवकार के अ धकार का दमनकता आ अथात िबना िबकार के अधं कार का दरू करन े वाला ि िनषाद ह।ै ऐसा ि जो अंधकार का दमन कर और िवकार भी ना फैलाए वही िनषाद ह ै जो धम, जो काय, जो ि अंधकार का दमन कर तथा उससे िवकार भी ना फैले, वही वा तिवक प स े िनषाद ह ै तथा वही ि िनषाद श द का संबोधन ा करने का हकदार ह।ै यहा ं िनषाद का अथ कट करना िनषाद ह।ै य क यहां िनषाद श द के ांित पी अंधकार को समा कया गया है और िनषाद का वा तिवक सव पयु एवं सव म अथ बताया गया ह।ै जो िनषाद, िनषाद श द क ापकता क तरह काय नह करता ह।ै जो झठू , फरेब, बईे मानी, धतू ता का दामन पकड़े रहता ह ै उस े िनषाद नह कहलाना चािहए। अगर कोई िनषाद टाइटल या िनषाद श द जाित सचू क श द के प म लगा रहा ह ै और वह ि िनषाद श द क ापकता क तरह काय नह कर रहा ह।ै यहां तक क वह अपने जीवन म अ ानता पी अंधकार को नह िमटाता ह ै और ना ही िमटाने क ओर अ सर ह ै तो वह िनषाद श द का योग ना कर तो उिचत ह।ै

िनषाद सरु का सातवा पद ं

        सुर के सात प सा रे गा मा प ध नी म सातव पद नी को भी िनषाद कहा जाता ह ै जो एकदम िन वकार एवं कसी कार के तान से मु रहता ह।ै िजसके िबना सगंीत म सुर थािपत करना भारी है।

परू ा जीवन िनषाद ह ै

        हदं ू धम वण व था करके चार वण को इंिगत करता ह।ै ा ण, ि य, वै य और शू । जब क इसके साथ मलू एव ं धान वण को जीवन क अव था के साथ आकलन कया जाता ह ै तो ात होता है क चय का पालन करने वाला, िव ा अ ययन करने वाला ा ण अथात 5 वष से 18 वष तक क आयु के उ का ि ा ण है तथा जो ि ि व धारण करता है े क र ा करता है वह 18 वष के ऊपर और 36 वष का ि ि य ह।ै 36 वष के ऊपर जाने पर ि केवल धन अ जत करने एवं इक ा करने क ओर अ सर रहता है जो 65 वष क उ तक चलता है जो वै य ह।ै 65 वष के ऊपर जाने पर ि एक जगह बैठकर सेवा लेना चाहता है तथा सेवा करना चाहता है जो शू का काय है जो अमूमन 75 वष तक चलता ह।ै 75 वष के ऊपर जाने पर ि िन वकार हो जाता ह।ै दन दिु नया स े कोई वा ता न रखते ए बस अ धकार के दमन कता के प म केवल नशीहत देते रहते ह। इस कार दखे ा जाए तो ज म के बाद चय के शु होने से पूव िन वकार होता है और अंत म अंधकार का दमन कता बन जाता है जो पूव म िनषाद अंत म िनषाद तो पूरा वण व था ही िनषाद म समािहत ह।ै शरीर म दय िनषाद है

       जब वण व था को शरीर क प रभाषा म जोड़ा जाता है तो गले के ऊपर के भाग को ा ण कहा जाता ह ै तथा भजु ा को ि य कहा जाता ह ै क ट भाग को वै य कहा जाता है तथा पैर को शू कहा जाता ह।ै इस कार पूरे शरीर का वणन कया गया परंतु व यानी दय को कुछ नह बताया गया जो पूरे शरीर म धान है और जो खून को साफ करके िन वकार करके शरीर के सम त अंग तक सचं रण करता है उसका प रचय नह कराया गया इस कार इस शरीर म दय िनषाद ह।ै दीप जलाने वाला हर ि िनषाद है

       जहां िनषाद का अथ अ धकार के दमन कता स े लगाया जाता ह ै तो कृित के अलावा इस धरती पर कोई ाणी अगर अंधकार को िमटा सकता ह ै तो ऐसा केवल एकमा ाणी हम और आप ह दसू रा कोई

ाणी अ धकार को दीप जलाकर नह िमटा सकता है तथा अ ान पी अंधकार को ान पी दीपक से य द कोई भगा सकता ह ै तो हमारे और आप जसैा ाणी ह ै कोई और ाणी नह ह।ै इस कार हर बुि जीवी िववेकशील सामािजक ाणी िनषाद ह।ै भोर(सयू के िनकलन े का समय) क बेला है िनषाद

िनशा का दमन करके भोर बेला आती ह।ै इस कार भोर को िनषाद बले ा कहा जाता ह।ै जीवन क उ पि के समय का समाज ह ै िनषाद

           िव ान बताता है जीवन क उ पि नदी के कनार से ई ह ै और स यता का िवकास भी नदी के कनारे से ही आ। मानव जीवन के ारंिभक थान पर आज भी वह समाज य का य पड़ा ह।ै इसी समाज से सारी स यताए ं िनकली ह ै और सारे समाज और स यता के मानने वाल को इस समाज म पाया जा सकता ह।ै शहर को बसाने वाला यही समाज ह ै जो जीवन के ारंिभक काल से लके र अब तक के सभी स यता को ज म दया ह ै और उनको समटे े ए ह।ै सौभा य से उस समाज म एक राजा को िशवपुराण म िनषाद नाम से जाना गया ह ै और उस समाज के लोग आज वयं को िनषाद कहते ह। इस िविध को थमतः िनषाद के लोग म चा रत और सा रत कया जाएगा परंतु इससे यह कोई िनि त नह होगी क वयं को िनषाद कहने या िलखन े या पहचाने जाने वाले ि िनषाद के ि ह। िनषाद के ि वह कहे जाएगं जो इस िनषाद े श द क प रभाषा को वीकारते ह और उस पर चलते ह उनका नाम इस िविध ारा थािपत िनषाद सद य पंिजका म दज हो। कौन िनषाद है? कौन िनषाद नह है?

     िनषाद श द के इस कार क प रभाषा के अनुसार जो ि चलता है अपना आचरण करता है वह िनषाद है जो ि अधं कार को समेटे रहता ह ै अ ान म भटक रहा ह ै जो अ ान पी अंधकार को समा करने का यास नह करता है जो अंधकार को अपने अंदर से िनकालता नह है वह िनषाद नह है जो छल करता है जो झठू बोलता ह ै जो बइे मानी करता ह जो ै ाचार करता है जो कपट करता है जो चाटुका रता करता ह ै ऐसा आचरण ऐसा वहार करता है िजसको समाज म घर प रवार म दशे म काल म िवकार उ प होता है और अ व था फैलती है कृित का ास व समाज का ास होता है वह िनषाद नह ह।ै

        िनषाद वह है जो झूठ नह बोलता है जो छल, कपट, बईे मानी, धोखा, ाचार नह करता है वह िनषाद है िजसके ज म से धरती, कृित, समाज, प रवार खुशहाल हो जाए िजसके कृ य से कृित को नुकसान नह होता ह,ै समाज म कोई भी िवकार या िवकृित नह आती ह,ै कसी स पु ष को क नह होता ह,ै िजसस समाज े म ान का आलोक फैले, समाज से हर कार क कुरीितय आ द का अंत कर द,े वह िनषाद है और ऐसा करने वाला ही िनषाद कहे जाने यो य ह।ै अ याय 4 

िनषाद समाज क शासन सिमित

  1. िनषाद पसनल लॉ क शासन सिमित – समाज एक िविधक िनकाय ह ै यह संिहता उ िनकाय

िनषाद समाज क मौिलक िविध ह ै िजससे िनकाय िनषाद समाज को चलायमान रखा जाना ह ै तथा िजसके अनुसार सहमित के आधार पर िनकाय िनषाद समाज के ित लोग अथवा उनसे स पृ ि य के स ब ध, काय और गितिविधयां िनधा रत कये जायगे िजसको इस िविध अनुसार चलायमान रखने के िलए िनषाद पसनल लॉ क अ िलिखत पैरा म वि थत शासन सिमितयाँ ह गी िजनके ारा यह

िविध संचािलत होगी।

  1. िनषाद पसनल लॉ के शासन सिमित म पद – िनषाद पसनल लॉ के शासन सिमित म िव इकाई पृ वी म सबसे अिधक उ के तीन ि संर क ह गे, एक अ य , मु यालय के थानीय िनकाय स े एक वंधक एवं एक कोषा य ह ग,े िन तर के सबसे बड़ े तर से एक एक उनक सं या के बराबर उपा य , उससे छोटे िन तर से एक एक उनक सं या के बराबर सिचव ह गे, उससे छोटे तर से एक एक उनक सं या के बराबर आडीटर ह गे, उसके बाद क इकाइय से एक एक इकाइय क सं या के बराबर सद य कायकारणी ह गे। शासन सिमित क एक मु ा होगी और शासन सिमित उ मु ा म समािहत मु ा क कायसाधक होगी जो उपरो शासन सिमित के पदािधका रय और सद य से

िमलकर बनेगी। नोट – शासन सिमित क इस कार क पद िवतरण सबसे िनचले तर के थानीय िनकाय के िलए नह होगी। तथा ारि भक कायकारणी के गठन म इस म का आकलन नह कया जायेगा। ारि भक कायकारणी पैरा 4 के अनुसार बनाई जायेगी। थानीय कायकारणी के अलावां शासन सिमित अपने तर क े और िव तार के अनुसार 10-20-30 दन म इस पैरा के अनसु ार गठन करा लग।े

  1. शासन सिमित का गठन : िनषाद समाज शासन सिमित का गठन िजस तर पर कया जाना है उस तर के संर ण एवं चुनाव अनुभाग के ारा पंचपरी ण यायगमन प ित से कया जायेगा। नोट- शासन सिमित के पद म जाित, उपजाित, कुरी और कौम का भी यागमन तब तक रखा जायेगा जब तक िनषाद समाज के सभी जाित उपजाित को िमलाकर एक नाम नह कर िलया जाता।
  2. शासन सिमित का कत , अिधकार एवं दािय व : िनषाद समाज शासन सिमित को अिधकार होगा क समाज का अधी ण कर। समाज काय को िविध अनुसार करने का कत ह।ै सद य क सम या को िविध अनुसार िनराकरण कराने का दािय व ह।ै
  3. शासन सिमित का कायकाल: थानीय शासन सिमित का कायकाल 1 वष, नगर शासन सिमित का कायकाल 2 वष, िजला शासन सिमित का कायकाल 3 वष, दशे शासन सिमित का कायकाल 4 वष, रा ीय शासन सिमित का कायकाल 5 वष एवं िव शासन सिमित का कायकाल 6 वष होगा।
  4. आकि मक रि या भगं क दशा म उपबधं : थानीय शासन सिमित के र होने पर अि म शासन सिमित वतः यागिमत हो जाएगी। नगर, िजला, देश, रा या िव क शासन सिमित के र होने क दशा म य द कायकाल आधा शेष रहे तो नय े शासन सिमित का गठन कया जाएगा जो अपने पूरे कायकाल को िनभायगे अ यथा क ि थित म कसी को कायवाहक िनयु कया जाएगा और कायकाल पूण होने पर नयी शासन सिमित गठन होकर अपना काय सचं ालन करेगा।
  5. शासन सिमित को कोई एक वसाय या ित ान थािपत करने और आजीवन चलाने और उ का 50% लाभ अपनी उ शासन सिमित के सद य म बराबर बराबर लेने का अिधकार: िनषाद समाज शासन सिमित अपने तर के आधार पर कोई एक वसाय या ित ान थािपत कर सकेगी और उ वसाय या ित ान का संचालन थाई प से करगे। ऐसा वसाय या

ित ान उ सिमित के सद य क और समाज क साझेदारी के प म होगी। सिमित का कायकाल ख म होने या भंग होने क दशा म उ ित ान उ सिमित के अिधकार म होगी और उ सिमित उ वसाय या ित ान का संचालन करते ए वसाय या ित ान स े होन ेवाली लाभ का 25% उस वसाय या ित ान के िलए संरि त रखगे तथा 25% उस तर के िनषाद समाज को दग े तथा 50% लाभ उ सिमित के सद य का संयु लाभांश होगा तथा उन सद य के प रवार पर यायगिमत होगा।  अ याय 5

िनषाद अनशु ासन सिमितया ं

  1. सामािजक अनशु ासन सिमित – अव था म 60 वष के ऊपर के सभी ि सामािजक अनुशासन बनाये रखने के िज मदे ार ह गे और उनमे सबसे अिधक उ के 3 ि जो चलने फरने म समथ ह और समाज काय म िच रखते ह से सामािजक अनुशासन सिमित बनेगी। सिमित वयं अपनी पद धारण कर सकती ह ै या पुव सिमितय ारा ा कर सकती ह। शासन सिमित सामािजक अनुशासन सिमित का िनधारण करके सबसे अिधक उ के तीन ि य को लेकर सामािजक अनुशासन सिमित का गठन करगे और सस मान सबस े अिधक उ के ि को अ य दसू रे न बर के सबसे अिधक उ के ि को अनुशासन प पर व तीसरे ि को अनुशासन िवप पद पर आसीन करायगे। सामािजक अनुशासन सिमित क अपनी मुहर होगी और महु र म समािहत होकर अपना काय व गितिविध करगी और हर काय िलिखत म पंिजका म दज रखगे। सामािजक अनुशासन सिमित अपना पद धारण करके सामािजक अनुशासन को बनाये रखने का आदेश िनदश करगे और सामािजक तर पर आने वाले अनुशासन हीनता के मामल े का िन तारण अपने तर से करगे। अनुशासन सिमित को अपने तर के कसी भी ि को सिमित के सम उपि थत होने और अनुशासन हीनता का प िवप रखते ए तक िवतक के साथ अनुशासन बनाये रखने के ित कसी काय को करने और न करन े का आदशे िनदश करन े क शि होगी। अनुशासन सिमित के अनशु ासन बनाये रखने के आदशे के म म कसी काय को करने और न करने के आदशे िनदश को न मानने और अनुशासन हीनता को बनाये रखने पर शासन सिमित को उ अनुशासन हीन ि के िखलाफ याियक कायवाही कराकरके दि डत कराये जाने का आदेश कर सकगे और ऐसा आदशे िनदश ा करके शासन सिमित शासिनक अनुभाग से शासिनक कायवाही कराते ए याियक प से अिभयोिजत और दि डत करायगे।
  2. आ थक अनशु ासन सिमित – अव था म 50 से ऊपर 60 वष तक के सभी ि आ थक व था के िज मदे ार ह गे। 60 वष के सबस े अिधक नजदीक के 3 ि य से िमलकर आ थक अनुशासन सिमित बनेगी। सिमित वय ं अपनी पद धारण कर सकती ह ै या पुव सिमितय ारा ा कर सकती ह। शासन सिमित और शासन सिमित आ थक अनुशासन सिमित के तीन ि य को उनका पद व गोपनीयता का शपथ दलायगे और पद दान करगे। पद ा करके आ थक अनुशासन सिमित िनषाद को लोग ारा क जा रही आ थक िवकास और उ यन के ित अपनी पैनी िनगाह रखगे और आ थक आय य के तरीक क जाचँ पछू ताछँ और अनाव यक, गलत य पर आदशे िनदश द े सकगे तथा आ थक िवकास के े म रत िनषाद के लोग क आ थक िवकास के ित ान क िनरी ण परी ण और जाँच कर सकगे तथा उनके हेड य द िनषाद से ह तो उ ह बुला सकग े तथा आव यक आदेश िनदश द े सकगे।
  3. राजनिै तक अनुशासन सिमित – अव था म 26 वष से 50 वष के ि राजनैितक भागीदार एवं िज मदे ार ह गे। 50 वष के सबसे नजदीक के उ के तीन ि य को िमलाकर राजनीितक अनुशासन सिमित होगी। सिमित वयं अपनी पद धारण कर सकती ह ै या पुव सिमितय ारा ा कर सकती ह। शासन सिमित और शासन सिमित राजनैितक अनुशासन सिमित के तीन ि य को उनके पद व गोपनीयता का शपथ दलायगे और पद दान करगे। पद ा करके राजनीितक अनुशासन सिमित िनषाद समाज के लोग ारा राजनीित के गितिविधय क जाँच पूछ ताँछ और अनाव यक, गलत राजनीित पर आव यक आदशे िनदश द सकगे तथा िनषाद समाज क जाित उपजाित के रािजनीितक दल सगं ठन के सं थापक सचं ालक अथवा उनके सुपी रयर ि जो समाज के ह तो उ ह बलु ा सकगे अ ह नो टस दे सकगे और राजनीितक आव यक आदशे िनदश द े सकगे।
  4. शिै क अनुशासन सिमित – 26 वष तक क आयु के युवा शैि क          व था के भागीदार और

िज मदे ार ह गे तथा अ ययनरत 26वष आयु के सबसे नजदीक के तीन युवा से िमलकर शौि क अनुशासन सिमित बनेगी। सिमित वयं अपनी पद धारण कर सकती ह ै या पवु सिमितय ारा ा कर सकती ह। शासन सिमित और शासन सिमित शैि क अनुशासन सिमित के तीन युवा को उनके पद व गोपनीयता का शपथ दलायगे और पद दान करगे। पद ा करके शैि क अनुशासन सिमित िनषाद समाज के अ ययरत छा तथा िनषाद समाज के िश ा व था पर आव यक आदशे िनदश द े सकग े तथा िश ा व था दने े म रत िनषाद समाज के लोग क िनरी ण परी ण जाँच कर सकग े तथा उ ह आव यक आदशे िनदश द े सकगे। 

  1. सां कृितक अनशु ासन सिमित – मिहलाएं सां कृितक आयोजन क िज मदे ार एवं व थापक ह गी। उ म सबसे सीिनयर व 60 वष के सबसे नजदीक और 50 वष के सबसे नजदीक क 3 मिहला से िमलकर सा कृितक अनुशासन सिमित बनेगी। सिमित वयं अपनी पद धारण कर सकती ह ै या पुव सिमितय ारा ा कर सकती ह। शासन सिमित और शासन सिमित शैि क अनुशासन सिमित के तीन मिहलो को उनके पद व गोपनीयता का शपथ दलायग े और पद दान करगे। पद ा करके सा कृितक अनुशासन सिमित िनषाद समाज के सां कृितक आयोजन योजन व उनक व था पर आव यक आदशे िनदश द े सकगी तथा सां कृितक व था दने े म रत िनषाद समाज के लोग क िनरी ण परी ण जाचँ कर सकगी तथा उ ह आव यक आदशे िनदश द े सकगी।
  2. िनषाद अनशु ासन सिमित – उपरो पाँच अनुशासन सिमितय के मखु को िमलाकर िनषाद समाज अनुशासन सिमित बनेगी। िनषाद समाज अनुशासन सिमित को उपरो पाचँ अनशु ासन सिमितय के आदशे िनदश के पुन वलोकन का अिधकार होगा तथा िनषाद अनुशासन सिमित सुओ मोटो कसी भी िवषय पर कसी के भी अनुशासन हीनता पर कायवाही कर सकगे। िजस अनुशासन सिमित के िजस आदशे स े िथत ह उस आदशे दने े वाल े बच के सम अपनी बात रखगे और अ वीकृत करने क दशा म उसी बच के समझ अपील का आवेदन करग े और अपील का आवदे न अपनी अनशु सं ा के साथ अपीलीय अिधकरण को ेिषत करगे।
  3. अनशु ासन सिमित के आदशे िनदश क अपील – िन तर क अनुशासन सिमित के आदशे

िनदश स े िथत ि के अपीलीय आवदे न और अनशु ासन सिमित क अनुसंसा ा होने पर उ अनशु ासन सिमित अपन े िन अनशु ासन सिमित के आदशे िनदश का परी ण कर सकगे क वा तव म अनुशासन हीनता अ तव लत रहा या नह तथा उिचत आदशे िनदश जारी कये गय े ह अथवा नह । ऐसे अपील सुनवाई करने वाले ऐस े गत आदशे िनदश को उलट सकगे और आदेश िनदश क कठोरता म ढील द े सकगे अथवा बढ़ा सकगे। िजस कसी भी अनुशासन सिमित के आदेश िनदश को अिनयिमत होना पाते ए िनर त या कठोरता कम क जाती ह ै तो उ अनुशासन सिमित को उ का सचू ना दया जायेगा और उ अनुशासन सिमित क ऐस े आदशे िनदश करने क ि थित प रि थित को जानने पर िवचार कये जाने के बाद ही उ अपील का आदेश िनदश सावजिनक कया जायेगा। ऐसे 3 अनुशासन आदशे िनदश के उलट े जाने या कठोरता कम कये जाने पर ऐसी गत सिमित को अपना पद यागना पड़ेगा।  

अ याय 6 शासन अनुभाग

  1. िनषाद समाज के शासन अनभु ाग – िनषाद समाज क हर तर पर अ िलिखत शासन अनुभाग हगे ा िजसम अनभु ाग के सभी शासिनक कमचारी सािमल ह ग।े

नोट – इस अ याय का िव तार िनषाद समाज के िविधवत काय करने और कमचा रय को यूनतम मजदरू ी दने े क आय का साधन अथवा मता होने के उपरा त कया जायेगा। जहा ँ िनःशु क काय करने के िलए शासिनक िमल जाते ह वहां उ कायकारणी उ अनुभाग को अनुमित और सं तुित व अिधकार दान कर

दया जायेगा।

  1. े पाल अनुभाग ( थम अनुभाग) – िनषाद समाज अपने लोग के े क दखे भाल के िलए तथा उसके तर के लोग के े सीमा आ द क दखे भाल और व था के िलए े पाल अनुभाग रखगे िजसका अपना एक कायालय और मु ा होगा और अनुभाग म दो कमचारी ह गे जो एक दसू रे का सहयोग करते ए समाज काय एक साथ िमलकर करगे।
  • िनषाद प रवार को एक िनि त थाई लाट म वि थत कये जान े का यास – े पाल अनुभाग कोिशश करेगा क िनषाद समाज के येक प रवार के पास एक थाई 90 मीटर गणु े 90 मीटर का थाई लाट हो और और उ प रवार उ लाट के उ र और पूरब 3-3 मीटर का रा ता छोड़ेगे। उ रा ता सावजिनक उपयोग हते ु होगा िजसके सुदढृ करने क िज मदे ारी सरकार या िनषाद समाज क होगी पर तु िजस लाट म से रा ता छोड़ा गया है वह उस लाट पर िनवािसत प रवार क स पि होगी और उसको सुरि त रखाने क िज मदे ारी उस प रवार क होगी । उस प रवार के आवेदन पर सरकार िनषाद को त कािलक प से उसे वि थत करना होगा ।
  • उ लाट पर रा ता छोड़कर पूरे लाट के नौ बराबर ख ड करगे। िजसम म य के ख ड म ग ा बनाते ए शेष ख ड पर उसक िम ी डालकर ऐसी समत लंग करगे क सम त के वषा का पानी उस म य के ग े म जाय।
  • ारंिभक व था म लाट िवतरण के दौरान सगे भाइय को एक साथ सलं लाट दया जा सकेगा । परंतु द पि पर ितब ध य का य रहगे ा और भिू म व था का ितबंध य का य रहगे ा। केवल सुिवधा यह दी जा सकेगी क दो भाई आस पास के ख ड म मकान बनवा सकगे और रा ते के ऊपर से जोड़ सकगे ।
  • चार भाई होने पर चार लाट को एक साथ करके रा ते व ग का अनुपालन करते े ए एक साथ के कानर म मकान बनवाकर रा ते के ऊपर से जोड़ सकगे और बीच म आने वाले माग को उ ि थित म सावजिनक उपयोग से छूट कया जा सकेगा।
  • ारंिभक लाट िवतरण के दौरान इस कार चार, चौबीस या उससे अिधक िम या सगे संबधं ी या एक ही संसकृित को मानने वाले एक साथ ऐसे लाट क मांग रखे तो उ ह भी उपरो ितब ध के साथ दया जा सकेगा। परंतु यहाँ सत यह भी रहगे ी क सरकार या िनषाद समाज जब चाहे ऐसे लाट के िनवासी प रवार, वाड या गांव तक के लोग को एक थान से दसू रे थान पर ित थािपत

करा सकेगी। 

  • उ लाट के नौ ख ड म म य के ख ड म ग ा करके एक ख ड म मकान आवास सरकार के अधीन कचन, बाथ म, टोर म, टडी म, बेड म, एक साथ तथा भूसाघर, पशुशाला, शौचालय और अितिथ क एक साथ एक लाट म यास ारा िनधा रत सात ेिणय म से अपने ेणी अनुसार सरकार ारा वयं के िलए करगे और अ य भूख ड पर कृिष करके उससे अपना जीवन िनवाह करगे।
  • उसम से एक लाट म चार थानीय फल के पेड़ के साथ 12 अलग – अलग पेड़ िमलाकर कुल 16 कार के पेड़ का एक बाग लगायगे िजसम से उ द पि तीन े ीय फल के पेड़ का फल िनषाद समाज को दान करगे शेष के फल का उपयोग करगे। िनषाद समाज उ फल को ा करके िजस

े म वह फल नह होता ह ै और जो फल उस े म नह होता ह ै स े अदला बदली करके उ के एवज उस े म उ प न होने वाल े फल क भी उपल धता करायगे।

  • एक लाट म कुछ िह स म े ीय औषधीय कृिष भी करगे िजसम से अपने उपयोग के िलए पया उपज अपन े पास रखकर शषे समाज को दान कर दगे।िनषाद समाज उ औषधीय कृिष उ पाद को

                                 ा करके दसू रे े के उ पाद से अदला बदली करगे और उ                      प रवार को उपल ध करायगे।

  • उ प रवार को ितबंध होगा क वह द पि उ लाट को न तो छोटा करगे और न बढ़ा सकगे अथात् उ द पि अपने पीछे एक ही द पि छोड़गे अथात दो ही स तान उ पि करगे। इस कार जनसं या िनयं ण म सािमल हर ि होगा।
  • उ लाट मय प रवार ांसफर कया जा सकेगा। जहां कोई कसी अ य थान पर मनोनीत या चयिनत कया जाता है तब उसके काय थल के समीप के गांव म के प रवार के साथ ांसफर कया जायेगा।
  • जहा ँ ऐस े 25 लाट क भूिम अपने समाज के लोग क हो तब ऐसे भूिम पर िनवािसत प रवार को ऐसे वि थत होने के िलए व था दान कया जायेगा और वि थत कराया जायेगा।
  • ऐसे वि थत कराने के म म ऐसा भूिम िचि हत करके नाप जोख करके सबसे पहल े म य के लाट वाड मु यालय म 18×18 के 25 कमर का दो मंिजला कायालय िजसम नीच े 16 कमरे तथा ऊपर केवल म य के 9 कमरे कुल 25 कमर क व था क जायेगी िजसम सौचालय, ानागार, रसो और छोटा टोर म हर कमर म हो क व था कया जायेगा। िजस े पणू करके अ य प रवार को उ कमर म िश ट करके तब उ 24 प रवार के लाट क व था कया जायेगा और क लीट होने पर उ ह अपने लाट म िश ट करा दया जायेगा।
  1. िनषाद प रवार एवं सद यता अनभु ाग (ि तीय अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के दखे रेख एवं प रवार के सद य के पंजीकरण के िलए प रवार एवं सद यता अनुभाग क व था रखेगा। प रवार एवं सद यता अनुभाग क अपनी मु ा होगी और एक द पि प रवार एवं सद यता अनुभाग के कमचारी के प म चयिनत कये जायगे। प रवार और सद ता पंिजका क दखे रेख एवं सद य को दज करने और िन कािसत करने का अंकन करगे। सद य के िववाह यो य होने पर दसू रे

े से स पक करके यो य जोड़ का िमलान करगे और शासन सिमित को जोड़ का िववाह कराने क सं तुित भजे गे। िववाह म कसी भी कार के िवभेद क ि थित को भी दखे न े और िन तारण कराने का काय करगे। 

  1. िनषाद समाज कत , अिधकार, दािय व,    ि      एवं     ि      व िनधारण अनभु ाग

(ततृ ीय अनुभाग) :- “िनषाद समाज”  अपने सद य के कत , अिधकार, दािय व, ि एवं ि व का िनधारण करने के िलए और सद य ारा उसका िनवाह कराने के िलए अपना एक कत , अिधकार, दािय व, ि एवं ि व िनधारण अनुभाग क व था रखगे। अनुभाग क अपनी मु ा होगी और एक द पि अनुभाग के कमचारी के प म चयिनत कये जायगे। जो अपने तर के लोग म कसका या कत ह,ै या अिधकार ह ै तथा या दािय व ह ै का िनधारण करगे तथा अपने सद य के ि व का िनधारण करगे।  

  1. िनषाद समाज मानक एवं िनि तता अनभु ाग (चतथु अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” हर एक त य के यूनीक नाम एवं िनि तता के िलए मानक एवं िनि तता अनुभाग क व था रखेगा जो मानक एवं िनि तता पंिजका रखगे और कसी भी त य एवं िस ा त का मानक एवं िनि तता िनधा रत करगे। िजसका अपना एक कायालय और मु ा होगा और अनुभाग म दो कमचारी ह गे जो एक दसू रे का सहयोग करत ेए िनषाद समाज ारा िनधा रत और तय कये गये िस ा त का मानक एवं िनि तता पंिजका म दज करगे और एक साथ िमलकर करगे।
  2. िनषाद समाज याियक अनुभाग (पाचँ वा अनुभाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के कत के अनुपालन, अिधकार के संर ण एवं दािय व का िनवहन कराने के िलए याियक अनुभाग क व था रखेगा िजसका अपना एक कायालय और मु ा होगा और अनुभाग म पाँच अिधव ा ह गे िजसम स े एक सीिनयर अ य उनस े दो जिू नयर प और उनसे जूिनयर दो जूिनयर िवप रहते ए उिचत तक और त य के साथ तक िवतक करते ए याय काय एक साथ िमलकर करगे।
  3. अनुपालन एवं दाि डक अनभु ाग (छठा ँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” याियक अनुभाग के आदशे , िनदश एवं िनणय का अनुपालन कराने के िलए अनुपालन एवं दाि डक अनुभाग क व था रखगे िजसका अपना एक कायालय और मु ा होगा और अनुभाग म पाँच कमा डर ह गे तथा उनके सािन य म र ा सेवा का उ ल बाई चौड़ाई रखने वाले लड़क लड़ कय को रखगे और र ा सेवा का िश ण िश ण दते े ए हमशे ा र ा सेवा म के पद पर के आवदे न क ितयोिगता म बठै ायगे और समाज का काय भी िश ण ैि टकल के प म कराते रहगे तथा ित दन अपने तर पर िनषाद बेला म कायशाला का आयोजन करते ए िश ण दान करगे। िजसके स ब ध म िनषाद समाज पूरी व था दान करेगा। 
  4. अ वषे ण अनुभाग (सातवा ँ अनुभाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के आवेदन एवं

ितवेदन के त य के आधार आ द के अ वेषण के िलए अ वेषण अनुभाग क व था रखेगा िजसका अपना एक कायालय और मु ा होगा और अनुभाग म दो कमचारी ह गे जो एक दस ूरे का सहयोग करते ए अपने तर के आवेदन ितवेदन के त य का अ वेषण एक साथ िमलकर करगे।

  1. जाचँ अनभु ाग(आठवा ँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने अ वेषक के अ वेषण क उपयु ता क एवं स यता के िलए जाचँ अनुभ ाग क व था रखेगा िजसका अपना एक कायालय और मु ा होगा और अनुभाग म यथा आव यक कमचारी ह गे जो एक दसू रे का सहयोग करत े ए अपने तर के अ वेषण अनुभाग के अ वेषण क जाचँ करगे क उपयु ह या नह ह ै कुछ छूटा तो नह ह ै आव यक त य का अ वेषण कया गया ह ै या नह । जाँच अनभु ाग को ऐसा तीत होता ह ै या अवगत कराया जाता ह ै क उ त य को छोड़ा गया ह ै या उ कथन क स यता के िलए ऐस े त य का अ वेषण आव यक है तो अ वेषण अनुभाग को और अ वषे ण करन े का आदशे िनदश कर सकगे और सही होने पर याियक अनुभाग को िवचारणाथ ेिषत कर सकगे।
  2. िश ा अनभु ाग (नवा ँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के िश ा के िलए िश ा अनुभाग क व था रखेगा िजसका अपना एक कायालय और मुहर होगा और अनुभाग म यथा आव यक कमचारी ह गे जो एक दसू रे का सहयोग करते ए समाज के सद य के िश ा क व था दखे गे और िनषाद समाज के हर सद य को ातक तक अिनवाय प से िश ा हण करायगे।

ातक परा त बालक के िच और लगन को देखत े ए ातको र और अ य उ थ िश ा व था करगे। साथ ही यथा आव यक िव ालय महािव ालय अ ययन के क भी सथा करगे और दखे ग,े ब के िश ा के िलए दान अनदु ान क जाँच और अनुशंसा करगे और शासन सिमित से उ अनुशंसा अनुसार धन उपल ध कराने का काय करगे।

  1. वा य अनभु ाग (दशम अनुभाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के वा       य के दखे भाल के

िलए वा य अनुभाग क व था रखगे िजसका अपना एक कायालय और मुहर होगा और अनुभाग म यथा आव यक कमचारी ह ग े जो एक दसू रे का सहयोग करत े ए समाज के सद य के वा य क व था दखे गे और िनषाद समाज के लोग के वा य क सुर ा के ित आव यक टीके और ीकासन दवा का िवतरण तथा आव यक दवा इलाज क व था करायगे तथा ज रत के अनसु ार हा पीटल, लैब, लोवोटरी रसच सटर आ द वा य स ब धी दखे भाल व था और उपकरण क व था करगे और िनत अपडेट रखगे तथा आव यक वा य दान अनुदान क अनुशंसा करगे और अनुमित होने पर लाभाथ को उपल ध करायगे।

  1. व एवं कपड़ा अनभु ाग ( यारहवा ँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के व क व था के िलए व एवं कपड़ा अनुभाग क व था रखगे िजसका अपना एक कायालय और महु र होगा और अनुभाग म पाँच मिहला कमचारी ह गी जो एक दसू रे का सहयोग करत े ए समाज के सद य के व एवं कपड़े क व था दखे गी और ऐसी समिु चत व था रखगी क िनषाद समाज के कसी भी

ि को व एव ं कपड़ा क कोई सम या न हो और कसी भी सद य के आवेदन पर उनक व एवं कपड़े क व था दान करगी, आव यकता अनु प टे सटाइल. िसलाई कढ़ाई, बटु ीक, व िनमाण आ द वसाय क अनुशंसा, व था  और दखे रेख करगी। बि य को िसलाई मशीन, अ य आव यक सुिवधा क भी अनुशंसा कर सकगी। 

  1. व तु एवं संसाधन अनभु ाग (बारहवा ँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के जीवन

िनवाह के आव यक व तु एवं ससं ाधन क व था के िलए व तु एवं संसाधन अनुभाग क व था रखगे िजसका अपना एक कायालय और मुहर होगा और अनुभाग म यथा आव यक कमचारी ह गे जो समाज के सद य के जीवन िनवाह के िलए आव यक व तु एव ं ससं ाधन क व था देखग े और ऐसी व था करगे क िनषाद समाज के कसी भी प रवार के पास जीवन िनवाह के िलए आव यक व तु और

संसाधन क उपल धता हो।

  1. यातायात, प रवहन अनभु ाग ( योदश अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के यातायात एवं प रवहन तथा यातायात एवं प रवहन से वसाय के िलए यातायात एवं प रवहन अनुभाग क व था रखगे िजसका अपना एक कायालय और महु र होगा और अनभु ाग म यथा आव यक कमचारी ह ग े जो समाज के सद य के जीवन िनवाह के िलए यातायात और प रवहन पर आि त वसाय क व था दखे ग े और हर कसी के आव यक यातायात एव प रवहन क सम या का िनराकरण एवं उपल धता सुिनि त करगे।
  2. कृिष, बागवानी, फल, सि जयाँ एवं बीज सरं ण अनभु ाग (चौदहवा ँ अनुभाग) :-

“िनषाद समाज” अपने सद य के खा ा व था के िलए कृिष, बागवानी, फल, सि जयाँ एवं बीज संर ण अनुभाग क व था रखेगा िजसका अपना एक कायालय और मह ुर होगा और अनुभाग म यथा आव यक कमचारी ह गे जो समाज के सद य के जीवन िनवाह के िलए आव यक खा ा य, स जी, फल एवं बीज क उपल धता उसस े स बि धत वसाय और आव यकता और कमी क व था दखे गे हर कार क उ स ब धी सम या का िनराकरण करगे और हर आव यक व था दान करगे। 

  1. उ ोग अनुभाग (प हवाँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के िलए उ ोग क व था के िलए उ ोग अनुभाग क व था रखगे िजसका अपना एक कायालय और महु र होगा और अनुभाग म यथा आव यक कमचारी ह गे जो समाज के सद य के िलए उ ोग क थापना उ यन क व था देखग े तथा िनषाद समाज के उ ोग और वसाय क दखे रेख संर ण िवकास और उ यन करगे तथा उ स ब धी हर व था और सुिवधा दान करगे।
  2. ापार िवपणन अनुभाग (सोलहवाँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने लोग के उ  गो से ए उ पाद के    ापार िवपणन के िलए         ापार िवपणन अनुभाग क   व था रखगे िजसका अपना एक कायालय और मुहर होगा और अनुभाग म यथा आव यक कमचारी ह गे जो समाज के सद य के उ            गो और    वसाय के ापार और िवपणन क       व था दखे गे ।
  3. िव ान एवं आिव कार अनभु ाग (स हवाँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने समाज के

िवकास के िलए िव ान एवं आिव कार अनुभाग क व था रखगे िजसका अपना एक कायालय और मुहर होगा और अनुभाग म यथा आव यक कमचारी ह गे जो समाज के युवा और ितभा के िवकास के िलए योग क आव यक संसाधन क व था दखे गे और उनका चयन करके उ ह व था उपल ध करायगे।

  1. पशपु ालन, डये री, म य पालन, व यजीव, पि य एवं जलीय जीव सरं ण अनभु ाग

(अ ारहवा ँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के पशु के िवकास एवं दधू क उपल धता, म य उ पादन, व यजीव, पि य एवं जलीय जीव के िलए अनुभाग क व था रखगे िजसका अपना एक कायालय और महु र होगा और अनुभाग म यथा आव यक कमचारी ह गे जो समाज के सद य के उपरो काय के िलए आव यक व तु एवं ससं ाधन क व था दखे गे तथा िश ण िश ण अनुसंधान उपल ध करायगे, उ स े स बि धत आवदे न वसाय क अनुसंसा, व था एवं अधी ण करगे।

  1. खिनज एवं ाकृितक व था अनभु ाग (उ ीसवा ँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” ाकृितक सुंदरता बनाये रखने एवं उससे ा होने वाले व तु क व था के िलए खिनज एवं ाकृितक व था अनुभाग क व था रखेगा। िजसका अपना कायालय और अपना मुहर होगा और तीन कमचारी ह गे। जो ाकृितक सु दरता को बनाये रखन े के आव यक उपाय साधन संसाधन क माँग सुिवधा उपल धता, आवेदन जाँच अनुमित अनुशंसा और वीकृित करगे।
  2. सचू ना एव ं संचार अनभु ाग (बीसवा ँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के आचार

                  िवचार आ द के आदान दान एवं उनके                  व था के िलए सूचना एव ंसचं ार अनुभाग क                  व था रखेगा।

िजसका अपना कायालय और अपना मुहर होगा और तीन कमचारी ह ग े जो समाज के सचू ना का आदान दान करगे।

  1. कला, खले , मनोरंजन एवं सं कृित अनभु ाग (इ सवा ँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” समाज म कला और कलाकार के साथ खेल एवं मनोरंजन क व था और सं कृित के संर ण के िलए कला, खेल, मनोरंजन एवं सं कृित अनुभाग क व था रखेगा। िजसका अपना कायालय और अपना महु र होगा और तीन कमचारी ह ग े जो कलाकार के िवकास तथा खेल और सं कृित के संर ण और िनय ण का काय करगे।
  2. मतदाता मंच एव ं सरं ण अनभु ाग (बाइसवा ँ अनुभाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के

िलए एक मतदाता मंच एवं संर ण अनुभाग क व था रखेगा। जो शासन, शासन से मु सद य का ाइवेट मंच होगा िजसका अपना कायालय और अपना मुहर होगा और तीन कमचारी ह गे। 

  1. सरं ण एवं चयन अनुभाग (तेइसवाँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” अपने सद य के दखे रेख के िलए एक संर ण एवं चयन अनुभाग क भी व था रखगे जो पूरी व था पर पैनी नजर रखगे और संगठन को भंग एवं चयन क व था दखे गे िजसका अपना कायालय और अपना मुहर होगा और तीन कमचारी ह गे।
  2. िवप अनभु ाग (चौबीसवा ँ अनभु ाग) :- “िनषाद समाज” के हर एक त य पर त कक ट पिड़य के िलए िवप अनुभाग क व था रखेगा। िजसका अपना कायालय और अपना महु र होगा और तीन कमचारी ह ग े जो िनषाद के काय और गितिविधय पर िवप ी तक रखगे। समाज के कसी भी सद य के कसी आवेदन माँग पर ऊपर क सिमितयां य द काय नह करती ह और उ ि को राहत नह िमलता ह ै तो िवप अनुभाग म अपना आवेदन रखगे और िवप अनुभाग ऐसे आवेदन पर अपना तक त य तुत करके अ य इकाइय से करा सकेगा और न करने के कारण क जाचँ कर सकेगा।
  3. शासन अनभु ाग म चयन और यो यता :- कसी भी पद पर चयन क िज मदे ारी संर ण एवं चयन अनुभाग क होगी। कसी भी शासन म चयन के िलए उस िवषय म सबसे अिधक यो यता धारी को वरीयता दी जायेगी। कोिशश यह कया जायेगा क स बि धत े म काय कर चुके रटायड कमचारी ह । रटायड कमचारी के चयन म रटायड कमचारी क अपनी वीकृित के आधार पर उनके वे छा से चयन कया जायेगा। िनषाद समाज क शासन या कोई शासन अनुभाग कसी रटायड कमचारी को सस मान तािवत कर सकगे और चयन अनभुाग ऐस े ताव पर उ ह सस मान उ पद को दखे ने और उ पद पर आसीन होकर समाज सेवा करने का आ ह कर सकेगी।
  4. शासन अनभु ाग म सवे क को यथोिचत मानदये का दया जाना :- िनषाद समाज कोिशस करेगा क अनुभाग म पद पर सेवा करने वाल को आव यक जीवन िनवाह के िलए यूनतम जीवन िनवाह भ ा अव य िमले। िजसक अनुशंसा अनुभाग क माँग पर शासन सिमित ारा कया जायेगा और िनषाद समाज के सिं चत िनिध पर भा रत होगा। अ याय 7

                                                                     िनषाद का अिधकार, कत        , दािय व और िनषेध

  1. िनषाद समाज के यके सद य का अिधकार

        (1).                  येक िनषाद को ग रमामय जीवन जीने का अिधकार होगा।

(2). येक िनषाद को जीवनोपयोगी आव यक सम त साधन संसाधन इ या द िनषाद समाज स े ा करने का पूण अिधकार होगा।

(3). येक िनषाद को िनषाद समाज के सम अपने राय िवचार अिभ ि वत ता पूवक रखने का अिधकार होगा।

(4). येक िनषाद को िनषाद समाज के सम अपने कसी भी सम या को रखने और उसका समाधान ा करने का अिधकार होगा।

        (5).                  येक िनषाद को सामािजक राजनैितक एव ं शै िणक सुिवधा ा करना पूण अिधकार होगा।

        (6).                 येक िनषाद को व छ, सु दर, सुर य, सुरि त और सु                                   वि थत जीवन जीने का अिधकार होगा।

(7). येक िनषाद को अ य िविधय म दय े गय े सम त अिधकार को जहा ँ तक व े कृित और समाज का ास न करती ह को ा करने का पणू अिधकार होगा।

  1. िनषाद का कत

(1). येक िनषाद का कत होगा क वह अपने जीवन के ाकृितक ल य और उ े य को ा करने का कत होगा।

            (2).                            येक िनषाद को अपने जीवन म िनषाद श द क साथकता बनाये रखने का कत                    होगा।

(3). येक िनषाद का कत होगा क िनषाद पसनल लॉ के ितमान , ल य, उ े य और तीक का स मान एव ं स वधन कर।

(4). येक िनषाद का कत होगा क कृित का संर ण कर, समाज को व छ, सु दर, सुर य, सुरि त एवं सु वि थत कर।

(5). येक िनषाद का कत होगा क वह सामािजक गितिविधय म जब कभी भी आव यकता हो समाज के आ वा ह पर समाज म वढ़ चढ़ कर अपनी सहभािगता दगे।

  1. िनषाद का दािय व येक िनषाद का दािय व होगा क वह अपन े अिधकार और कत के ित सजग रहगे तथा समाज के हर ि के सामािजक दािय व को यान दे और कसी के ारा कसी के साथ अपन े कत को नह

िनभाया जा रहा हो और अिधकार का हनन कया जा रहा हो तो समाज को अवगत कराय।

  1. िनषाद के िलए िनषधे

(1). कोई भी िनषाद ऐसा काय नह करेगा िजससे क िनषाद श द क साथकता को ठेस लगे और उसपर  उठे, िनषाद िन वकार के थान पर िवकार से भरे अथवा उससे कसी कार का समाज म अ धकार फैले अथात कोई िनषाद घूस, घपला, बेइमानी, जालसाजी, छल, कपट, झूठ नह करगे।

(2). कोई िनषाद अनैितक काय, गितिविध, साधन, ससं ाधन से धन, जन साधन और संसाधन का सं ह नह करगे।

(3). कोई भी िनषाद अपनी या कसी क कसी भी सम या के ित चुप नह रहगे।

(4). कोई भी िनषाद, िनषाद कायकारणी के सम कोई कायवाही जुबानी या अिलिखत नह करगे तथा िनषाद समाज के के ीय कायकारणी को एक ित अव य भेजगे।

(5). कोई भी िनषाद व छ द नह रहगे।

  1. िनषाद िस ा त

(1). िनषाद सम या न बन :- एक िस ा त है क य द हम सम या के समाधान नह ह तो हम ही एक सम या ह इसिलए सम त िनषाद को यह यान रखना है क िनषाद कह सम या न बन। 

(2). शि का दु पयोग अपराध है :- सम त िनषाद को इस बात का यान रखना है क शि का दु पयोग अपराध है और उनसे शि का दु पयोग न हो।

(3). ि तरीय कायवाही :- येक कायवाही िलिखत प म और तीन ितय म कया जाना आव यक है िजसम से एक ित कता के पास एक ित कारक के पास और एक ित िनषाद समाज के सव च कायकारणी को ेिसत कया जायेगा।

(4). ाकृितक दृि :- हम ाकृितक ाणी ह कृित ारा बनाये गये सम त ािणय म केवल और केवल िववेकशील, िवचारवान एवं भावना मक होने क वजह से सव कृ ह और इस सव कृ ता को बनाये रखने के िलए ाकृितक दिृ अपनाय।

 

अ याय 8

क ण

  1. िनषाद समाज, काय सचं ालन अगं एवं ढाचँ ा – िनषाद समाज जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी वािसय एवं कृित पर आि त समदु ाय, आ दवासी लोग क िविधक मचं ह ै जो अपन े इस िनषाद पसनल लॉ स े संग ठत और संचािलत होगी, िजसका काय संचालन अंग इस िविध के ारि भक काल म अथवा इस िविध ारा ग ठत शासन सिमित के िव ांित काल म उस तर के िव तारक ह गे अ यथा िनषाद समाज शासन सिमित होगी। काय संचालन क सुिवधा के िलए थानीय इकाई, गाँव,

िवकासख ड या नगर, िजला, दशे या रा य, दशे या रा ीय एवं िव तर पर अपने शासन सिमित क व था रखगे ी और इन तर पर अ य सिमितयाँ भी ह गी जो िनषाद समाज क गितिविधय को संचािलत करगी तथा थानीय तर पर 12 प रवार क वयं सहायता समहू म स े थम प रवार को लके र थानीय थाई शासन सिमित होगा िजनके तर के इकाई के नाम एव ं अ य / सिचव को स बोिधत प वहार कया जा सकेगा, साथ ही य द उनक शासिनक सिमित का चयन हो जाता ह ै तो उस तर के कायालय को मु य शासिनक के नाम से ेिषत कया जा सकेगा।

  1. झडं ा और यनू ीक िच ह – िनषाद समाज का अपना एक यनू ीक िज ह होगा िजसम चौबीस लौ वाले सूय के गोल े म पृ वी और वाि तक का िच ह होगा और वाि तक के चारो कोटर म मशः ऊँ , तीर धनुष, मछली और नाव बना होगा जो वण रंग म सफेद रंग के पताका पर छिपत होगा।

                                          शासन सिमित के पदािधका रय का चयन तथा पद के अिधकार, कत                एव ं दािय व

  1. िनषाद समाज शासन सिमित के पदािधकारी – िनषाद पसनल लॉ के अ याय 4 पैरा 26 के अनुसार शासन सिमित म संर क, अ य , वंधक, कोषा य , उपा य , सिचव, आडीटर, सद य शासन सिमित, 8 पदािधकारी ह गे।
  2. पद के अिधकार, कत एव ं दािय व –
    1. सरं क – समाज का सरं ण कर। सामािजक गितिविधय म कसी भी कार के िविधक अनुपालन से मखु र ि को अनुशासन का पाठ पढ़ाय तथा अनुशासन हीनता को रोकने के हर काय कर।
    2. अ य – अपन े तर के इकाई के बठै क क अ य ता कर। िविध अनुसार समाज काय का सचं ालन कराय।
    3. ब धक- अपने तर के इकाई के गितिविधय म लगने वाल े साधन संधान क बंध कर।
    4. कोषा य – अपन े तर के इकाई के कोष का सचं ालन कर। आय य का िहसाब रख। आडीटर को हर आय य से अवगत कराय व अपडेट रख।
    5. उपा य – अपने तर का ितिनिध व कर। अ य क अनुपि थित म अ य के काय को भारी के प म िनभाय।
    6. सिचव- अपने तर के इकाई क िवलेख का िनमाण और संर ण कर तथा हर कार के पंजीकरण को उसके िनि त पंिजका म दज कर और अ यतन रख।
    7. आडीटर- अपने तर के इकाई के आय य का आिडट कर।
    8. सद य शासन सिमित- पदािधका रय के साथ पैनी नजर बनाये रख तथा सहयोगी के प म काय करते ए कसी भी पदािधकारी के ारा दये गय े काय क उनके िनदश अनुसार कर।
  3. पदािधका रय का चयन – िनषाद पसनल लॉ अ याय4 से बल ा करने वाली पैरा 27 म ग ठत होने वाली शासन सिमित के पदािधका रय का चयन ारि भक कायकारणी, िव तारक/संचालक या संर ण एवं चयन अनुभाग के ारा पैरा 27 के अनसुार पचं परी ण यागमन प ित ारा कया जायेगा।

नोट- पदािधका रय के चयन के िलए िजस तर के पदािधका रय का चयन कया जाना ह ै उस तर के िव तारक/संचालक या संर ण एव ं चयन अनुभाग को उस तर के िन तर तथा पैरा 27 के नोट के अनुसार िनषाद समाज म आनेवाली उस तर म िनवािसत िनषाद समाज क जाित, उपजाित, कुरी, कौम, समुदाय या प रवार िजस भी नाम स े उनक एक समूह जानी, पहचानी व पुकारी जाती हो क समुिचत जानकारी िव तार पंिजका 3 व 4 स े िमलान और यागमन का िवशेष यान रखा जायेगा जबतक क िनषाद समाज क सम त िविभ नाम एक नाम म समािहत नह हो जाते ह तब तक।

  1. पचं परी ण यागमन प ित –
    1. पंच परी ण यागमन प ित से ता पय पांच कार का परी ण ह ै तथा यागमन से ता पय े एवं समूह का मागत प से वतः आना ह।ै
    2. पाचँ कार का परी ण

            (1).   ि एव ं   ि    व 

िश ा यो यता, लेखन, वाचन, तक (2). सामािजक सहयोग आस पास पास पड़ौस के साथ कय े गये काय का हलफनामा 

(3). पद क ग रमा

िजसपद का आवदे न कया जाना ह ै उस पद क ग रमा या ह ै पर लखे

(4). चनु ौितया,ं काय और गितिविधयां

िजस े के िलए आवेदन कया जा रहा ह ै उसका े िव तार कहाँ से कहाँ तक ह ै उस े क या या सम याय ह,ै उन सम या को समा करने के िलए या या काय कय े जान े ह और उन

काय को कैसे करगे, िजसम उनपर अनुमािनत लागत, धन कैसे उपल ध करायगे आ द पर लखे । 

(5). मतदान 

  1. पद पर चयिनत होने के िलए आवेदन के साथ उपख ड B. के ख ड (1) के अनुसार ि का अपन े प रचय स े स बि धत बायोडाटा दने ा होगा, उपख ड B. के ख ड (2) के अनुसार आस पास पास पड़ौस म गितिविधयां या रही ह का िलिखत हलफनामा दने ा होग, उपख ड B. के ख ड (3) के अनुसार िजस पद पर चयन हते ु आवदे न कया जाना ह ै उस पद क ग रमा या ह ैपर एक लेख िलखकर दने ा होगा, उपख ड B. के ख ड (4) के अनसुार िजसपद पर चयन होना चाहत े ह उस पद का े िव तार कहाँ स े कहा ँ तक ह ै उस े क या या सम याय ह,ै उन सम या को समा करने के िलए या या काय कये जाने ह और उन काय को कैसे करगे, िजसम उनपर अनुमािनत लागत, धन कैसे उपल ध करायगे आ द पर लेख तथा उपख ड B. के ख ड (5) के अनुसार उस े के

सद य क सचू ी दने ा होगा िजनके मतदान स े चयन कया जायेगा। येक परी ण का 20 अकं होगा िजसम सबस े अिधक अकं धारण करन ेवाले को पदािधकार दान कया जायेगा।

  1. सम त पदो पर यागमन े और समूह का होगा, पद का यागमन केवल वय ं सहायता समूह एवं थानीय कायकारणी म होगी।
  2. चयन के िलए सूचना और समय – चयन के िलए सचू ना यह माना जायेगा क शासन सिमित के कायकाल के दो माह शेष रहने का दनांक होगा। उ दनांक पर वयं उस पद के िलए आवदे न इ छुक ि य ारा उस तर के िव तारक/संचालक या संर ण एवं यचन अनुभाग के सम कया जायेगा।

नोट – ारि भक काल म ारि भक कायकारणी ारा उस े के सभी तर के सभी थानीय इकाई का िनमाण हो जाने क सूचना काशन के एक माह बाद का ितिथ होगा।

  1. िनषाद समाज शासन सिमित क िज मेदारी होगी – क
    1. समाज के कसी भी ि के जीवन म कसी भी कार क सामािजक, शैि क, आ थक सम या न हो।
    2. हर कसी के पास जीवन जीने के िलए आव यक भूिम, साधन संसाधन हो।
    3. समय से िववाह यो य जोड़ का िमलान कराते ए उनके गा जयन से बात करके शी ाितशी िववाह कराते ए उनके जीवन क सचु ा ता बनाय।
    4. हर कसी को ातक तक आव यक प स े िश ा ा हो।
    5. हर कसी के आव यक िश ा हण उपरा त यथाशी शासिनक सवे ा म, शासन के पद पर, उ ोगपित, वसायी, मैकेिनक, कुशल कारीगर, कृषक जैसी भी उनक लगन चाह और मता हो के आधार पर आसीन कराय।
    6. आव यक िच क सा सुिवधा उपल ध कराय तथा समय समय पर ीकासन टीका या दवाइय का सामूिहक प से उपयोग कराय।
    7. हर कार से िववाद मु व था दान कर।
    8. सिमितय क सचु ा ता बनाये रख।
  2. शासन सिमित को अपन े उ े य के आधार पर कोष खुलवाने और उ उ े य म उपयोग करन े का अिधकार – शासन सिमित अपने कसी िवशेष उ े य के ित उ उ े य के नाम स े खाता खलु वा सकेगा और उ खाते क रािश का उपयोग उ उ े य क पू त म कर सकेगा।
  3. हर थानीय तर पर मिृ त अशं दान कोष का िनमाण और कसी मतृ क को पीताबं र देन े और तरे हव करने क रोक और पीताबं र व तर ेहव क रािश मृित अशं दान कोष म जमा कया जाना तथा उ रािश को मृित ितयोिगता म उपयोग म लाया जाना- िनषाद समाज हर थानीय तर पर मृित अंशदान कोष थानीय इकाई ारा खुलवाई जायेगी और उ थानीय इकाई के कसी भी िनषाद के दहे ा त होने पर उनके नाम से उनके चाहने वाले लोग ारा पीताबं र न दके र उ पीतांबर क रािश मृित अंश दान कोष म जमा कया जायेगा साथ ही कसी भी िनषाद का तेरहव करने से मना कया जाता ह ै तेरहव क रािश जो भी जो कोई खच करना चाह े मृतक के नाम से मृित अशं दान खाते म जमा कर सकगे। िजसका िववरण थानीय इकाई रखेगा तथा उ रािश से उ मृतक के दाह सं कार म उपयोग करेगा और शेष रािश का वा षक, अधवा षक, ैमािसक, मािसक िजतना याज आ रही हो के आधार पर उ ि के नाम पर एफ डी लेकर उ याज आने के आवत के समय पर उ ि के नाम पर मिृ त ितयोिगता आयोिजत करके उपयोग कया जायेगा तथा अ य जो िनधा रत कया जाय म उपयोग कया जा सकेगा। कई लोग का िमलाकर एक

ितयोिगता भी कया जा सकेगा।

  1. क ठनाइय को दूर कया जाना तथा पसनल लॉ म ससं ोधन एवं प रवतन-
    1. िनषाद क सं कृित और स यता के िवकास के िलए िनषाद पसनल लॉ ारा समाज काय करने म जहा ँ कोई परेशािनयां आती ह और िनषाद पसनल लॉ उन क ठनाइय को दरू करने म कम पड़ता ह ै तो उ के स ब ध म उ सम या को जानने और उस सम या से जूझने जानने समझने वाल े ि क िज मदे ारी होगी क वह उ के स ब ध म अपने थानीय इकाई को िलिखत म अवगत करायगे।
    2. ऐसे कसी भी आवेदन को ा करके शासन सिमित उसे अपने तर पर चचा कराकरके चचा क कायवाही और आवदे न को अपने उ त कायकारणी को ेिषत कर दगे।
    3. उ त शासन सिमित ऐसी आवेदन पर चचा कराकरके जैसी नीित िनयम बने उसे िनषाद पसनल लॉ म सािमल करायगे और नई कायकारणी के आने के साथ उसका समायोजन और आव यक संसोधन कया जा सकेगा।
  2. िनषाद पसनल लॉ वीकृित ताव- िनषाद पसनल लॉ जो उपरो प म बनाई गई ह ै को वीकृत कराने और िनषाद पसनल लॉ को शासन शासन और सरकार स े मा य कराने के िलए िनषाद समाज के लोग क वीकृित िलया जाना आव यक और उिचत समझा जा रहा है तथा यह आशा कया जाता ह ै क जल जंगल पहाड़ नदी घाटी के वािसय कृित पर आि त समदु ाय आ दवासी (िनषाद समाज) के लोग ारा इस िनषाद पसनल लॉ के अनुसार अपनी थानीय से लेकर उ त शासन सिमितय तथा अ य इकाइय क थापना शी ाितशी कर लग े और हर तर के तावक/संचालक

िजतनी ज दी हो सकेगा अपने तर के सभी ल ग से इस िनषाद पसनल लॉ पर उनके वीकृित ा कर लगे।

  1. पसनल लॉ बनाये जाने और सरकार के सम मा यता हते ु रख े जाने के समय के सभी लोग का संक प प िलया जाना – िजसके िलए वीकृित संक प इस पसनल लॉ के अ त म िलखा जा रहा ह ै और हर थानीय तावक से यह आशा रखा जायेगा क वे अपने थानीय तर पर जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी वािसय , कृित पर आि त समदु ाय आ दवासी सभी प रवार तक इस िनषाद पसनल लॉ के बनाये जाने और सरकार से मा य कराये जाने के बीच िजतने भी िनषाद समाज के सद य ह उनक वीकृित के प म िन प म उनका नाम दज कया जाय और उनके नाम के सामने उनका ह ता र कराय और िनषाद पसनल लॉ को सरकार के सम तुत करने के समय सलं कया जाय।

 

नाम

माता/पित

िपता/अिभ0

ज मितिथ/आयु

दनाकं

ह ता

1-

 

 

 

 

 

 

 

  1. िनषाद पसनल लॉ वीकृत संक प (सामिू हक) – (हर थानीय तर पर लोग को एक करके

िनषाद पसनल लॉ वीकृित सभा का आयोजन करके सभी लोग का ह ता र कराया जाय। वीकृित सभा के बाद घर घर जाकर भी कराया जा सकता ह।ै ) हम िनषाद के थानीय इकाई ाम

………………………………………  नगर ………………………………………………………………… जनपद …………………………………….. देश ……………………………………….. भारत दशे के इस सूची के लोग अपनी इस िनषाद पसनल लॉ को अंगीकृत अिधिनयिमत और आ मा पत करने के प म अपने नाम िववरण के सामने अं कत ितिथ म अपनी वीकृित दान करते ए अपना ह ता र कर रह े ह 

  1. िनषाद पसनल लॉ वीकृत संक प ( ि गत) – ( जहा ँ कोई अपने थानीय इकाई म सामूिहक संक प सभा म उपि थत नह होता ह ै ि गत प स े इस परैा म संक प प भर कर जमा कर सकता ह ै जो पूरे भारत म के लोग का िववरण लेने के बाद सरकार के सम रखन े के अवसर पर संल कर रखा जायेगा।) म नाम ………………………..माता/पित का नाम ……………………………………………

िपता / अिभभावक का नाम ……………………………………….. ज मितिथ ……………………… आवेदन करते समय आयु ………………….. यो यता ……………………………………………………..

वसाय …………………………. कला ……………………………. कौशल ……………………………….. पता प रवार 0  …………………….. ाम ………………………………………………………………… 

नगर …………………………………………………….. जनपद …………………………………………….. दशे ……………………………………….. भारत का िनवासी अपनी इस िनषाद पसनल लॉ को आज दनांक ……………………… को थान ……………….. से अगं ीकृत अिधिनयिमत और आ मा पत करने के प म अपने नाम िववरण के सामने अं कत ितिथ म अपनी वीकृित दान करते ए अपना ह ता र कर रहा ।ँ

  1. िनषाद पसनल लॉ का लाग ू होना- िनषाद पसनल लॉ दनांक 10 अग त 2025 दन रिववार के अवसर से लागू माना जायेगा।
  2. आनलाइन िव तार-
    1. हर तर के िव तारक अपने तर के िव तार के िलए कोई एक दन दवस या दनांक िनधा रत करके उसके आवली पर िनि त समय पर उस तर क आनलाइन बैठक आयोिजत करगे।

जैस े रा ीय अ तरा ीय िव तार के िलए रिववार को ातः 10:15 बजे स े आयोजन कया जा रहा ह।ै

  1. आनलाइन बैठक क एक पंिजका बनाये रखगे। िजसके दािहने पेज पर िजसम चार कालम बनाते ए मशः मांक, उपि थित समय, प रचय (नाम, पता, यो यता, वसाय अ य िववरण) व जाने का

समय दज कया जायेगा।

  1. एक माक दो लाइन म रखा जायेगा ता क उ ि के ारा कह े गये व का सार उसम अं कत कया जा सके व अं कत कया जाय।
  2. बैठक म थम उपि थत आने वाले ि का िववरण आग तुक सद य ध यवाद व पंजीकृत सद यता ताव प भरकर सद यता शु क भजे कर सद य बनन े के ताव के साथ उपि थित के िलए

ध यवाद ािपत कया जायेगा।

  1. दसू रे बठै क म उपि थत आने पर अनुभाग क जानकारी दी जायेगी और उनको उनके वसाियक एवं िचकर अनभु ाग क िज मदे ारी लेने के िलए तािवत कया जायेगा।
  2. दसू री बठै क क उपि थित के ताव पर य द कसी अनभु ाग या कसी पद को वीकृित का िवचार आता ह ै और बठै क म उप थित बरकरार रखते ह सद यता दके र उपि थत आने वाले ि य और सद यता न देकर भी तीन उपि थित बनाने वाले सद य को अ य सद य पंिजका म पंजीकृत

                              कये जायगे। तो उ पद या अनुभाग के                   य या अ                         य पदािधकारी या सद य जैसी भी ि थित

हो के प म माण प ेिषत कया जायेगा।

  1. ित बैठक मी टंग के िलए 10 पया येक उपि थत सद य से आनलाइन व था शु क का आशा रखा जाता ह ै बा यता नह ह ै पर तु मी टंग क रका डग यू ूब चैनल पर लोड कराने के ित ित 10 िमनट के ि लप पर पचास पया दया जाना आव यक रहगे ा जो मी टंग हो ट या लखे ाकार के अकाउंट अथवा िनषाद समाज के खाते म भेजा जा सकेगा।
  2. आनलाइन बठै क के िलए कसी एक ि को लखे ाकार मनोनीत कया जायेगा जो मी टंग म आने वाले सद य का िववरण दज कर और यथाव यक माण प व ताव ेिषत कर।
  3. आनलाइन बठै क म िनयिमत प से उपि थत आनेवाले सबसे अिधक उ के ि को बठै क के िलए उस तर का संर क मनोनीत कया जायेगा तथा संर क के सािन य म मे टंग होगी।
  • मी टंग म जुड़ने के िलए आ क टू वाइन स े पुव माइक ब द कर लेना होगा और िबना बुलाये माइक चालू रखन े क मनहाई होगी। कसी अ य आव यक बात के िलए है ड रेज करगे। साथ ही तीसरी मी टंग उपरा त अपनी अ या या य सद य सं या का पता लगाकर उपि थत होते ही चैट बा स म िलख दया करगे ता क उपि थत होने क जानकारी प ट रह।े
  • जो िवषय या ताव रख जाय ं उनपर पहल े स े ही तैयारी करके रख और कोिशस कर क 10 िमनट से अिधक का समय न लगे। अपना िलिखत राय भी पुव म रखा जा सकता ह।ै
  1. परू े भारत देश को कवर करन े का काय म – िनषाद समाज ारा वष भर पूरे भारत के हर

े को समािहत करते ए भारत को कवर करने के िलए पूरे भारत के 12 थान का चयन कया गया है जनवरी, गुजरात अहमदाबाद। फरवरी, छ ीसगढ़ जगदलपुर। माच, उ र देश लखनऊ। अ लै , असम नागाँव। मई, िहमांचल दशे मंडी। जनू , तिमलनाडु मदरु ै। जुलाई, झारख ड राँची। अग त, महारा पुणे।

िसत बर, राज थान अजमेर। अ टूबर, म य दशे जबलपुर। नब बर, आ दशे बे लोरी। दश बर, िबहार पटना। माह के चतुथ सटरडे स डे को आयोजन करने का ताव ह।ै

  1. िनषाद पसनल लॉ काशन हते ु शभु कामना सदं शे हते ु आ वा ह और दातागण को िमलाकर वतन सिमित बनाया जाना- अपनी इस वीय िविध िनषाद पसनल लॉ को समाज म लोग के बीच तक प चँ ान े के िलए पु तक के प म कािशत कराना आव यकता महससू क गई। काशन हते ु आ थक उपल धता हते ु यह तािवत कया गया क जो कोई ₹1000/ के सहयोग करते ह उनका फोटो सिहत शुभकामना संदशे लगाया जायगे ा तथा जो कोई ₹500/ का सहयोग करते ह उनका िबना फोटो शुभकामना सदं शे कािशत कया जायेगा तथा जो कोई ₹200/ का सहयोग करते ह उनका नाम शुभकामना सदं ेश दने े वाल क सूची म सािमल कया जायेगा। साथ ही यह िनधा रत आ क जो कोई इस कार शभु कामना संदशे के िलए सहयोग रािश दान करत े ह उन सभी लोग को िमलाकर िनषाद पसनल लॉ वतन सिमित बनेगी, जो सिमित िनषाद पसनल लॉ को व तत कराने का काय करेगी और पसनल लॉ के अनसु ार िव तार और अ य काय को इस पसनल लॉ अनसु ार करायगे ी तथा पसनल लॉ के संचालन पालन म आ रही किमय या आ ेप पर िवचार करगे और िवचारण करके पसनल लॉ म संसोधन िन काशन और सािमल कराने का काय करगे।                  *************

िनषाद पसनल लॉ के सचु ा प स े पालन के िलए

िनयमावली और प का बनाया जाना  आव यक है

 अ तु िन िलिखत प म 

िनषाद पसनल लॉ िनयमावली  बनाई जाती ह।ै अ याय 1

ारि भक

िनयम 1.                                             उ ेि यका – जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी के वासी एवं कृित पर आि त समदु ाय सिहत

िजतने भी समदु ाय ह सभी आ दवासी समुदाय से ह और असंग ठत िबखरे तमाम उपजाितय जाितय म बंटे ह उ ह एक करने उनक सामािजक, शैि क, आ थक, राजनीितक यानी सवागीण िवकास के िलए उन सबको एक नाम जो पुव स े अिधकतम लोग ारा कहा जाता ह ै उसी नाम म समािहत कया जाता ह।ै

िनयम 2. पैरा 1 नाम –  शासन, शासन, भौगोिलक और राजनीितक तर िव , महा ीप, ीप, रा , रा य, नगर महापािलका, मंडल, नगर िनगम, िजला, लोक सभा, िवधान सभा, तहसील या उपख ड, िवकास ख ड या लाक, नगर पािलका, गाँव,  नगर पंचायत, वाड या जो भी तर हो, म िव , रा , रा य, िजला, िवकास ख ड या लाक एव ं गाँव  तर पर िनषाद क उस तर म िनवास करने वाले सभी जाितय उपजाितय को लेकर िनषाद क इकाई थािपत क जायेगी।

िनयम 3. सद यता – िनषाद क सद यता के िलए िन ा प 1 का उपयोग कया जायेगा िजसम दज अकाउंट नं पर अपना पैरा 11 के अनुसार यूनतम वा षक अंशदान जमा करके सद यता आवेदन भरकर अपने थानीय या जो भी ात इकाई हो को ेिषत करग।

 

 

 

 

 

 

शानदार                              e-mail- nishad.pariwar.samaj@gmail.com                           जबरद त           पजं ी. स.ं Ⅳ/1/2021 PAN_AADTN6049Fारि भक)                                                                          िज59दाबाद  

 

 

 प ांक                                                              दनांक  सद यता आवेदन प                                                                            सद यता आवेदन प (  प1)

  1. नाम ………………………………………………………………………………
  2. माता का नाम ……………………………………………………………………
  3. िपता का नाम …………………………………………………………………….
  4. उपजाित /कुरी/कौम ……………………………………………………………..
  5. ज मितिथ …………………………………………………………………………
  6. यो यता ……………………………………………………………………………
  7. वसाय ………………………………………………………………………….
  8. कौशल …………………………………………………………………………….
  9. िववािहत …………………………………………………………………………
  10. ससुराल/मायका …………………………………………………………………
  11. वाड ……………………………………………………………………………….
  12. गावं / मोह ला/ नगर ………………………………..…………………..
  13. लॉक/ िवकासखडं ……………………………………………..…………
  14. िवधानसभा ………………………………………………………………
  15. तहसील ………………………………………………………………….
  16. लोकसभा ………………………………………………………………….
  17. जनपद ……………………………………………………………………..
  18. मो.नं. …………………………………………………………………….
  19. ई-मले आई डी ……………………………………………………………

     म …………………………………… िनषाद पसनल लॉ के अनुसार अपना सद यता आवेदन करता  ं तथा अपना प रवा रक िववरण और वा षक सहयोग रािश श द म …………………………………………………………………………. ( अंको म ………………………….) इवट आईडी ……………………………………………………………………………….. से दनांक …………………………….. को ट के खाता सं …………………………………………………………….. म दान कर दया ।ँ

                  म स यिन ा से ित ान करता/करती  ँ क म अपने गुण कला कौशल से िनषाद को आगे बढ़ाने म िनषाद के

िनयम और उ े य के अनुसार सहयोग पूण अ छे से अ छा काय करने का यास क ं गा/ क ँ गी और  करता र गं ा/ करती र गँ ी

                                                                       ह ता र                                                                        दनांक

 

 

  1. सद यता पिं जका – िनषाद हर तर पर िन प म अपने कायालय पर सद यता पंिजका रखेगी और अपने सद य का पंजीकरण करके रखेगी। कसी प रवार म ज म से या ाह करके आने पर उसक थानीय इकाई उनका पंजीकरण समय समय पर इस पंिजका म करती रहगे ी और अ यतन रखेगी।

 शानदार                            e-mail- nishad.pariwar.samaj@gmail.com                           जबरद त                   पजं ी. स.ं Ⅳ/1/2021 PAN_AADTN6049F                    िज दाबाद

 

 

 सद यता पिं जका                                                                                                   (     प 2)

1-

सद य का न

ाम

 

 

िव.ख ड

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

माता का ना

 

 

िवधानस

भा

 

 

िपता का ना

 

 

तहसील

 

 

 

मो.नं

 

 

 

लोकसभा

 

 

 

ाम. नगर

 

 

वाड

 

िजला

 

 

 

 

 

सद यता 

 

 

 

कायकाल

 

दशे

 

 

 

शु क

 

 

दनां

 

 

रफरस आईडी

 

 

E-mail-

 

 

 

 

ज मितिथ

 

 
                 

 

 

2

सद य का न

ाम

 

 

िव.ख ड

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

माता का ना

 

 

िवधानस

भा

 

 

िपता का ना

 

 

तहसील

 

 

 

मो.नं

 

 

 

लोकसभा

 

 

 

ाम. नगर

 

 

वाड

 

िजला

 

 

 

 

 

सद यता 

 

 

 

कायकाल

 

दशे

 

 

 

शु क

 

 

दनां

 

 

रफरस आईडी

 

 

E-mail-

 

 

 

 

ज मितिथ

 

 
                 

 

 

 

 

 

 

 

 

  1. तार पिं जका ( े ) – िनषाद चूँ क जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी वािसय , आ दवािसय को समािहत करने वाला समाज ह ै जो आज तमाम े तक िव ता रत हो गया ह ै िजस थान े तक िनषाद का िव तार कया जायेगा जहा ँ िनषाद पसनल लॉ और इस िनयमावली क जानकारी िजस े म दया जाता ह ै और शासन सिमित का िनमाण कया जाता ह ै सभी का नाम इस पंिजका म दज कया जाता रहगे ा। िजसके आधार पर िनधा रत होगा क कौन कौन से े म िनषाद िव ता रत हो गया ह।ै

शानदार                                 e-mail- nishad.pariwar.samaj@gmail.com                                जबरद त                   पजं ी. स.ं Ⅳ/1/2021 PAN_AADTN6049F                    िज दाबाद

 

 

िव तार पंिजका ( े )                                                                                                   प 3

 

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कायवाही पंिजका ताव मांक

तावक एवं

ताव

िव तार 

1

 

 

 

 

 

2

 

 

 

 

 

3

 

 

 

 

 

4

 

 

 

 

 

5

 

 

 

 

 

6

 

 

 

 

 

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10

 

 

 

 

 

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15

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

  1. तार पिं जका (जाित) – िनषाद चूँ क जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी वािसय , आ दवािसय को समािहत करने वाला समाज ह ै इसम तमाम उपजाितयां हो गये ह तमाम सरनेम लोग लगाते ह ै कुछ लोग केबल मछुआरा मानते ह कुछ लोग केवल जल से स बि धत मानते ह कुछ लोग केवल नाव से स बि धत मानते ह पर तु हक कत यह ह ै क यह सभी जल, जंगल, पहाड़, नदी घाटी वािसय , आ दवािसय सभी िनषाद म आते ह सभी उपजाितयाँ जो अपने आप को िनषाद म मानते ह या िनषाद म आते ह सभी का नाम इस पंिजका म दज कया जाता रहगे ा। िजसके आधार पर िनधा रत होगा क कौन कौन से सर नेम और उपजाितयाँ िनषाद म समािहत हो गय े ह।

शानदार                                 e-mail- nishad.pariwar.samaj@gmail.com                                जबरद त                   पजं ी. स.ं Ⅳ/1/2021 PAN_AADTN6049F                    िज दाबाद

 

 

िव तार पंिजका (जाित)                                                                                                  प 4

 

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कायवाही पंिजका ताव मांक

तावक एवं ताव

िव ता रत जाित उपजाित कुरी कौम सरनेम 

1

 

 

 

 

2

 

 

 

 

3

 

 

 

 

4

 

 

 

 

5

 

 

 

 

6

 

 

 

 

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13

 

 

 

 

15

 

 

 

 

 

  1. तारक आवदे न प – पैरा 4(2) के अनुसार िजस कसी भी सद य को िजस कसी भी तर म िनषाद का िव तार नह ह ै िनषाद क कायकारणी का गठन नह ह ै का गठन कराने के िनए िन वत िव तारक बनना आवे दत करगे

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िव तारक आवदे न प                                                                                          ( प 5) सवे ा म

         ीमान अ य / वधं क महोदय

       िनषाद इकाई  ………………………

िनषाद जी

            आवेदक म …………………………………… सद यता 0 ………………………… से िनषाद का सद य ।ँ तर …………………….. तर का नाम …………………………………….. या जाित उपजाित सरनेम ……………………. के प रवार तक िनषाद क इकाई का िव तार नह ह।ै म ाथ / ा थनी अपने उ तर/ उपजाित पर िनषाद का िव तार करना चाहता / चाहती  ँ और इस आवेदन प के ारा अपना िव तारक बनना आवदे न कर रहा/ रही ।ँ िव तारक वीकृत करते ए िव तार करने क अनुमित दान करना आव यक ह।ै             अतः आप िनषाद जी स े आ ह और िनवेदन ह ै क ाथ / ा थनी आवेदक को तर ……………………………..

तर का नाम …………………………………………… या जाित उपजाित सरनेम ……………………. के प रवार तक का

िव तारक वीकृत करते ए िव तार करने क अनुमित दान क जावे ता क िनषाद का िव तार हो और िव ता रत होकर िनषाद का उ यन िवकास हो।

                                                                                                      आवेदक

                                                                            नाम …………………………. सद यता 0 …………… 

 

              म स यिन ा से ित ान करता/करती  ँ क म अपने गुण कला कौशल से िनषाद को आगे बढ़ाने म िनषाद के

िनयम और उ े य के अनुसार सहयोग पूण अ छे से अ छा काय करने का यास क ं गा/ क ँ गी और  करता र गं ा/ करती र गँ ी।

 

                                                                                            ह ता र

 

                                                                                            दनांक 

 

  1. कायकारणी स य करने हते ु सचू ना – पैरा 4(3) के अनुसार िजस कसी भी तर म िनषाद का िव तार ह ै और कायकारणी रन नह कर रही ह ै िनषाद क कायकारणी क सचु ा ता के िलए िव तारक को िन वत सूचना ेिषत क जायेगी

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सवे ा म

         ीमान िव तारक / सचं ालक महोदय

       िनषाद इकाई  ………………………

िनषाद जी             बड़ े दःु ख के साथ आपको सिूचत कया जाता ह ै क आपके तर ……………………………………

तर का नाम िजसका िव तार, िव तार पंिजका ( े ) 0 ………………………… से िव तार कया गया। पर तु यह ात आ ह ै क आपके उ तर क कायसिमितयां सचु ा पूवक काय नह कर रही ह। ऐसी ि थित म िव तारक प रवतन करने हते ु ताव आया आ ह।ै िलहाजा आपको थम / ि तीय / तृतीय सूचना दया जाता ह ै क िनषाद इकाई को 10 दन के अ दर स य कर और कायकारणी/शासन सिमित के ारा उनके स य / गठन क सूचना समय स े ेिषत कराय ता क िनषाद का उ यन और िवकास होना सुिनि त हो।                 अतः िनषाद जी समय रहते आव यक कायवाही कर ता क िनषाद क सचु ा ता बनी रह।े

                                                                                          भवदीय                                                                                नाम ……………………………….                                                                                पद ……………………………………

                                                                    ह ता र व मुहर     दनांक

 

  1.                                                 िव तारक / सचं ालक को हटाया जाना – पैरा 4(3) के अनुसार िजस कसी भी तर म

िनषाद का िव तार ह ै और कायकारणी रन नह कर रही ह ै और िव तारक / संचालक को तीन सूचना दने े के उपरा त भी इकाई के शासन सिमित क ओर से काय करने का आवेदन या कोई यथोिचत ित या नह आता ह ै तो िन वत प ेिषत करके हटा दया जायेगा  

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िव तारक / सचं ालक को हटाय े जान े का प                                                   (  प 7) सवे ा म

         ीमान िव तारक / सचं ालक महोदय

       िनषाद इकाई  ………………………

िनषाद जी             बड़े दःु ख के साथ आपको सूिचत कया जाता ह ै क आपके तर …………………………………….. तर का नाम िजसका िव तार िव तार पंिजका ( े / जाित) 0 ………………………… से िव तार कया गया। पर तु यह ात आ ह ै क आपके उ तर जाित उपजाित सरनेम क कायसिमितयां सुचा पूवक काय नह कर रही ह। ऐसी ि थित म िव तारक प रवतन करने हते ु ताव आया और आपको थम सूचना दनांक ……………………….. को, ि तीय सूचना

………………………………….. को और ततृ ीय सचू ना दनांक …………………………………… दया गया। उ के बावजूद आपके उ तर ………………………… तर का नाम ………………………………………………….. जाित उपजाित सरनेम से कसी कायकारणी या शासन सिमित क काय करन े या गठन क सूचना या यथोिचत ितउ र नह आया। ऐसी ि थित म समाज िहत म िनषाद के समाज काय को कय े जाने और िविधवत चलायमान रखने के िलए नया िव तारक / संचालक चयिनत कया जाना आव यक ह।ै ऐसी ि थित म आपक और आपके तर क अ यता को दखे ते ए आप िव तारक ………………………………………….. तर ……………………….. तर का नाम

…………………………………………… को पद युत कया जाना आव यक ह।ै                     अतः िनषाद जी आप िव तारक ………………………………………….. तर ……………………….. तर का नाम …………………………………………… जाित उपजाित सरनेम को पद युत कया जाता ह।ै  ता क िनषाद क सुचा ता बनी रह।े नोट – दो दवस के अ दर इस सूचना के ित कायवाही कया जा सकता ह।ै त प ात कोई अवसर नह दया जायेगा।                                                                                           भवदीय                                                                                नाम ……………………………….                                                                                पद ……………………………………

                                                                                            ह ता र व मुहर

                                                                                             दनांक 

 

  1.                                        िव तारक / सचं ालक चयन प –  पैरा 4(3) के अनुसार िजस कसी भी तर म िनषाद का

िव तारक बनाया जाना ह ै या पद युत कर दय े गये ह तो िन वत प ेिषत करके िव तारक बना दया जायेगा  

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िव तारक / सचं ालक बनाय े जान े का प                                                                    ( प 8) मांक ……………………………………                                  दनांक ……………………….

                                           मािणत कया जाता ह ै क िनषाद ……………………………….( तर)  इकाई  ………………………………………………………… ( तर का नाम) के िव तारक के प म सद यता 0 ……………………………………….. कायकाल ……………………………………… स े सद य नाम ………………………………………… माता / पित ………………………………………… िपता / अिभ0 ………………………………….. िनवासी वाड ……………………………………………. गांव/ मोह ला/ नगर  ………..………….. लॉक/ िवकासखंड  ………………………………….… िवधानसभा ………………………………… तहसील  …………………….………………………….. लोकसभा  ………………………………… जनपद ………………………………………………..

दशे ……………………………………….. मो.नं.  ……………………………………………….को

िव तारक मनोनीत कया गया ह।ै 

              िनषाद आशा और िव ास रखता ह ै ह ै क ीमान जी के सािन य म उ रो र िवकास करते ए समाज क ऊँ चाइय को छुएगा तथा स यता के चरमो कष को ा करेगा। 

                                                      समाज ीमान जी के उ                           वल भिव य क कामना करता ह।ै 

                                                                                  भवदीय                                                        नाम ……………………………….                                                        पद ……………………………………

 

                                                                     ह ता र व मुहर

                                                                          दनांक 

 

 

                                                                                                               नल लॉ मय िनयमावली (               भक) Page

िनयम 11.           पैरा 4 (5) के अनसु ार

                 ारि भक कायकारणी िनमाण बठै क कायवाही                                         प 9 आज दनांक …………………………….         दन ………………………….. समय ………………. बजे       थान …………………………. …………………………………………………………………………पर िनषाद के लोग क बैठक क जा रही ह ै िजसम िनषाद पसनल लॉ के अनुसार िनषाद समाज तर …………………………. इकाई तर का नाम …………………………………………………………….. क ारि भक कायकारणी िनमाण के ित चचा क गई और सव स मित से िनणय िलया गया     क अपने    तर …………………………….           तर का नाम

…………………………………………………………. म िनवािसत िनषाद के सभी लोग को िनषाद पसनल लॉ को बताया जाना और पसनल लॉ के अनुसार सिमितय का िनमाण कया जाना और समाज के काय को िनषाद पसनल लॉ के अनुसार संचािलत कया जाना आव यक ह।ै अ तु उ के िलए ारि भक कायकारणी का िनमाण कया जा रहा ह ै और 

  1. सद यता मांक ……………………. से सद य नाम ……………………………………… को व र संर क,
  2. सद यता मांक …………………….. से सद य नाम ………………………………………… को किन सरं            क,
  3. सद यता मांक ……………………. से सद य नाम ………………………………………… को सरं      क
  4. सद यता 0 ………………………..के सद य नाम ………………………………………. को अ य , 
  5. सद यता 0 ……………………… से सद य नाम ………………………………………… को कोषा य ,
  6. सद यता मांक ………………….. से सद य नाम …………………………………………. को बंधक,
  7. सद यता मांक ………………….. से सद य नाम …………………. …………….. को व र सिचव,
  8. सद यता मांक …………………… से सद य नाम ………………………………………… को किन सिचव,
  9. सद यता मांक …………………… से सद य नाम ………………………………………… को उपा य
  10. सद यता मांक …………………… से सद य नाम …………………………………….. को आडीटर
  11. सद यता मांक …………………… से सद य नाम ……………………………………. को सद य कायकारणी

मनोनीत कया गया सभी लोग न े अपने अपने पद को सहष वीकार कया और अपने अपने पद पर पद के अनु प िविधवत स य प से काय करन े का वचन दया। आगे सवस मित से िनणय िलया गया क अपने िनषाद

…………………इकाई ……………………….. का कायालय पता …………………………………………………………. ………………………………………………………………………………..पदािधकारी……………….. का आवास होगा। सव स मित से िनणय िलया गया क इस कायवाही क ित अपनी उ त कायकारणी ………………………………. को अनुमोदन हते ु ेिषत कया जाय ता क कायकारणी िनषाद पसनल लॉ के अनु प अ य सिमितय का िनमाण पसनल लॉ अनुसार करा सके और समाज पसनल लॉ के अनसु ार चलकर सामािजकता क पराका ा को ा कर। अनुमोदन प वापस आने पर बैठक क सचू ना के साथ बैठक कये जाने क जानकारी दय े जान े के साथ िव तारक महोदय ारा उपि थत सभी सद य का ध यवाद ािपत कया गया और बठै क का समापन कया गया। 

                                                                                                   ह ता र िव तारक सभी सद य अपना ह ता र व पद िलख

 

नोट – जहाँ यूनतम तीन ही ि से ारि भक कायकारणी का िनमाण कया जा रहा हो वहाँ मांक 4,5,व 6 के पद का कायवाही बनाया जायगे ा तथा य द सद य तीन स े अिधक बढ़ते ह तो सद य क सं या के अनुसार पद को घटाया और सद य कायकारणी को बढ़ाया जा सकेगा। 

 

 

 

                                                                                          िनषाद पसनल लॉ मय िनयमावली (                भक) Page

 

                                                                                                               नल लॉ मय िनयमावली (               भक) Page

िनयम 12. पैरा 4(5) तािवत कायकारणी प 10 समाज के काय को िनषाद पसनल लॉ के अनुसार सचं ािलत कया जाना आव यक ह।ै अ तु उ के िलए ारि भक कायकारणी का िनमाण दनांक ………………….. को बैठक करके िन नवत कया गया ह।ै

0

नाम

पता व स पक नं0

पद

ह ता

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

                                                                                                  ह ता र िव तारक 

िनयम 13.           पैरा 4(5) उ          त कायकारणी को अनमु ोदन हते ु       ाथना प           प 11

सेवा म 

         ीमान अ य / वंधक महोदय

                   िनषाद (      ट) के       ीय (पजं ीकरण) कायालय

         मोह ला चक यारअली, पो0 सदर जौनपुर उ र दशे 222001

िवषय – ारि भक कायकारणी अनुमोदन के स ब ध म

ीमान जी             सादर अवगत कराना ह ै ह ै क िनषाद पसनल लॉ को पढ़कर जानकर िव तारक

………………….. के ारा …………..इकाई ………………… के िनमाण के ित दनांक ………………. को बैठक क गई , बैठक क कायवाही ा प 9 संल ह,ै िजसम तािवत कायकारणी क सचू ी ा प 10 भी सलं ह।ै ……………… इकाई ……………………. के सचु ा पूवक एक होन े और एक के स े सचं ािलत होने के िलए के ीय सं तुित और अनुमोदन आव यक ह।ै 

        अतः ीमान जी से िनवदे न ह ै क ……………. इकाई ……………….. क ारि भक कायकारणी का अनुमोदन करते ए कायअिधकार दान करने क कृपा क जावे ता क िनषाद पसनल लॉ के अनुसार िनषाद के िवकास के काय को सचु ा पूवक कया जा सके।

                                                                    िनवेदक

                                                                  िव तारक 

                                                       ……………. इकाई ………………..

 

 

                                                                                          िनषाद पसनल लॉ मय िनयमावली (                भक) Page

 

िनयम 14.              पैरा 4(6) के अनसु ार काय अिधकार प               प 12

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प ाकं काय अिधकार /  ……/ वष ………. प                         दनांक …………………..     

(      प12)

सवे ा म

         ीमान िव तारक िनषाद ( ट) …………. इकाई ………………            पता ………………………………………………………………………………             …………………………………………………………………………………… मा यवर

           आप िनषाद …………………… इकाई ………………….. क ारि भक कायकारणी क  सं तुित के िलए ेिषत प पर गहन िवचार कया गया। आपक कायकारणी ारा िनषाद पसनल लॉ एव ं िनयमावली क लगभग सम त औपचा रकताएं पूण होना पाया गया। िलहाजा बोड इस िनणय पर प चँ ा ह ै क आपक कायकारणी को िनषाद……………….. इकाई ……………….. का काय भार स पा जाना और काय करने के िलए प दान कया जाना आव यक और उिचत ह।ै िलहाजा बोड ारा इस काय प क के साथ कायवाही पंिजका क स य ितिलिप एव ं िनषाद पसनल लॉ एव ं िनयमावली क स य ितिलिप व पैनकाड क कापी व िनषाद ……………… इकाई …………………… क ारि भक कायकारणी क सूची क वीकृित ित ह ता र और मुहर के साथ रिज टड डाक ारा ेिषत कया जा रहा ह।ै 

           िनषाद कायवाही पंिजका ……………………… के ताव मांक ……………….. के आधार पर आप क ारि भक कायकारणी को िनषाद ………………. इकाई ……………………… का हर अिधकार दान कया जाता ह।ै िनषाद ( ट) क पंजीकृत िनयमावली क पैरा 7(e) के अनुसार अ य , कोषा य और व र सिचव के ह ता र से िनषाद …………………… इकाई …………………………… क साधारण खाता और मृित खाता दो बक अकाउंट के िलए आवदे न करके िनषाद ………………………. इकाई …………………………. का सम त कायभार व गितिविध करते ए िनषाद को िनषाद पसनल लॉ एवं िनयमावली अनुसार संग ठत और संचािलत करने का हर अिधकार ह।ै हम आशा ही नह पूण िव ास ह ै क िनषाद को िनषाद श द क मलू भावना के अनु प आपक कायकारणी उ रो र िवकास करेगी तथा िनषाद सं कृित और िनषाद स यता का संर ण िवकास एव ं िव तार करेगी।             अतः कायवाही पंिजका और इस काय प क के आधार पर अिधकार ा करते ए यथोिचत काय और गितिविध करने क कृपा कर ता क िनषाद उ रो र वृि करे और समािजक ऊँ चाइय को ा करे।

िनषाद के उ रो र िवकास क कामना                     के साथ। 

                                                                          आपका                                                         नाम           पद           दनाकं 

  1.            बक अकाउंट खोल े जान े क सचू ना परै ा 4(7)          प 14

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               जल, जगं ल, पहाड़ एवं नदी घाटी वािसय का िविधक मंच (           ट)

 

प ाकं 1 सचू ना वष ……….                       दनाकं …………………..                      (                           प14)

ित ा म 

            ी मान भारी के    ीय कायालय िनषाद समाज            मोह ला चक यारअली सदर जौनपुर उ र दशे 222001

िवषय – िनषाद ……………….. इकाई ……………………का बक अकाउंट खोल े जान े क सचू ना

िनषाद जी             सहष अवगता कराया जाता ह ै       क आप के दीय िनषाद क सं तुित पर िनषाद

………………………. इकाई ……………………………………आपके आदशे ानसुार अपना बक अकाउंट बक नाम …………………………………… शाषा ………………………………… म खोला गया ह ै िजसका नं0 …………………………………………………………….. व IFSC ………………………………… व

UPI ID ……………………………………………………ह।ै 

             पसनल लॉ क पैरा 4(7) के अनुसार सचू ना सादर सेवा म ेिषत ह।ै अतः िनषाद जी यथाव यक पंिजका म दज करने क कृपा क जावे। अ य सचू ना एव  ंगितिविध समय स े

ेिषत कया जाता रहेगा।                                              आपका                                                                               अ य

                                                        िनषाद समाज ……………….. इकाई ……………………

                                               पता …………………………………………………………..                                                                   दनांक ……………………………      

 

 

  1.                 कायकारणी के काय न कये जान े क सचू ना परै ा 4(7) नोट                    प 15

                          िव तारक को पता चलता ह ै क कायकारणी िनयमानुसार काय नह कर रहा ह ै तो इस                          प म अपना

े मांक और खाता सं तथा आई एफ एस सी कोड भरते ए खाली थान म अपने तर और तर के नाम को तथा कायालय के पता को दज करते ए प ाकं सं दते े िहदायत 1,2,3 जो हो को भरत ेए वष भरते ए दनांक के साथ कायकारणी के अ य या वंधक को स बोिधत प जो काय या गितिविध नह क जा रही ह ै को दज करते ए िजतने भी िशकायत आयो ह या हो को दज करके ेिषत करगे। य द 10 दन के अ दर सुधार नह होता ह ै तो मशः दसू रा और तीसरा सचू ना भजे गे और तीसरे सूचना पर भी कायकारणी को सही काय गितिविध न करने क ि थित म भंग कर दगे।   शानदार   e-mail- nishad.pariwar.samaj@gmail.com जबरद त पजं ी. स.ं Ⅳ/1/2021 PAN_AADTN6049F िज दाबाद

 

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               जल, जगं ल, पहाड़ एवं नदी घाटी वािसय का िविधक मचं (            ट) पता – 

 

प ांक …….. स ू / िह ……… वष ……….                       दनांक …………………..      ( प15) सेवा म 

            ी मान अ य / वंधक महोदय

              िनषाद  ………………… इकाई ……………………..

ीमान जी             मझु िव तारक को अवगत कराया गया / वतः सं ान म ह ै क आपक कायकारणी अपने पसनल लॉ के अनुसार सचु ा प से काय और गितिविधयां सचं ािलत नह कर रही ह। िजसम

  1. पैरा …………………………………………….का काय नह कया गया है।
  2. पैरा .
  3. ,..
  4. ..

             पसनल लॉ क पैरा 4(7) के अनुसार सचू ना सादर सेवा म ेिषत ह।ै अतः िनषाद जी यथाव यक पंिजका म दज करने क कृपा क जावे। अ य सचू ना एव  ंगितिविध समय स े

ेिषत कया जाता रहेगा।                                                     आपका                                                                                     अ य

                                                        िनषाद समाज ……………….. इकाई ……………………                                                        पता …………………………………………………………..

                                                                    दनांक …………………………… 

 

 

 

 

  1.               कायकारणी भगं कय े जाने का             प परै ा 4(7) नोट             प 16

 शानदार                      e-mail- nishad.pariwar.samaj@gmail.com             जबरद त                   पजं ी. स.ं Ⅳ/1/2021 PAN_AADTN6049F                िज दाबाद

 

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               जल, जगं ल, पहाड़ एवं नदी घाटी वािसय का िविधक मचं (            ट) पता – 

 

प ाकं …….. भंग ……… वष ……….                       दनांक …………………..      ( प16) सेवा म 

         ीमान अ य / वंधक महोदय

                   िनषाद (      ट) के       ीय (पजं ीकरण) कायालय

         मोह ला चक यारअली, पो0 सदर जौनपुर उ र दशे 222001

िवषय – कायकारणी भगं कये जाने के स ब ध म

ीमान जी             मझु िव तारक ( े /उपजाित) …………………………. क इकाई ……………………….इकाई

………………………. के …………………………………….. कायकारणी क गितिविधयां िविधस मत संचािलत नह हो रही थी िजसके ित प 15 म गितिविध सुधार के ित सचू ना थम दनांक

…………………, ि तीय दनांक ………………… को तथा तृतीय सूचना दनांक ………………………

ेिषत कया गया और काय और गितिविध सुधार का पया अवसर दान कया गया फर भी कायकारणी

ारा अपनी गितिविध म सुधार नह कया गया। कायकारणी का कायकाल आधा बीत चकु ा ह ै नह बीता ह ै ऐसी ि थित म कायकारणी को भंग कया जाना समाज िहत म आव यक और उिचत ह ै तथा नई कायकारणी का गठन / कायवाहक िनयु कया जाना अपनी पसनल लॉ क पैरा 30 के अनुसार

िविधस मत ह।ै                         अतः िनषाद जी यथाव यक पिं जका म दज करने व यथाव यक कायवाही करने क कृपा क जाव।े अ य सचू ना एवं गितिविध समय स े ेिषत कया जाता रहगे ा।

 

                                                                        आपका

                                                                 िव तारक / संर क

                                                     िनषाद ……………….. इकाई ……………………                                            पता …………………………………………………………..

                                                             दनांक …………………………… 

 

 

 

 

िनयम 18. थानीय िव तारक आवदे न प ैरा 6                               प 17          सेवा म 

         ीमान अ य / वंधक महोदय

         िनषाद समाज ………………….. इकाई …………………………..        पता ………………………………………………………..

ारा

             अ य / वंधक महोदय

          िनषाद (       ट) के      ीय (पजं ीकरण) कायालय          मोह ला चक यारअली, पो0 सदर जौनपुर उ र दशे 222001

िवषय – थानीय िव तारक वीकृत कये जाने के स ब ध म

ीमान जी

            आवेदक म …………………………………… सद यता 0 ………………………… से िनषाद का सद य ।ँ थानीय े …………………………… का नाम …………………………………….. क िनषाद क इकाई का िव तार नह ह।ै म ाथ / ा थनी अपने िनषाद पसनल लॉ के अनुसार थानीय इकाई ……………………. का िव तार करना चाहता / चाहती  ँ और अपना थानीय िव तारक बनना आवेदन कर रहा/ रही ।ँ गाँव, नगर, वाड ………………………. का थानीय िव तारक वीकृत करते ए िव तार करने क अनुमित दान करना आव यक ह।ै

            अतः आप िनषाद जी से आ ह और िनवेदन ह ै                          क      ाथ /                 ा थनी आवदे क को थान

…………………………….. थान का नाम ………………………………………….. का िव तारक वीकृत करते ए िव तार करने क अनमु ित दान क जावे ता क िनषाद का िव तार हो और िव ता रत होकर िनषाद का उ यन िवकास हो।

                                                                           आवेदक                                               नाम …………………………. सद यता 0 …………… 

 

              म स यिन ा से ित ान करता/करती  ँ क म अपन ेगुण कला कौशल स  ेिनषाद को आगे बढ़ान े म िनषाद के िनयम और उ े य के अनुसार सहयोग पणू अ छे स े अ छा काय करने का यास क ं गा/ क ँ गी और  करता र गं ा/ करती र गँ ी।

 

                                                                                            ह ता र

 

                                                                                            दनांक

 

 

 

िनयम 19.            थानीय   तािवत प रवार सूची पैरा 6                                   प 18 तािवत प रवार मिु खया सचू ी                                       (      प प 18)

िनषाद े िव. .

 

 

े ाम / नग

 

ताव द.

 

तावक

 

 

सहयोगी 

 

 

ार भ कानर 

 

.

नाम

 

.

नाम

 

.

नाम

.

 

नाम

1

 

 

25

 

 

49

 

73

 

 

2

 

 

26

 

 

50

 

74

 

 

3

 

 

27

 

 

51

 

75

 

 

4

 

 

28

 

 

52

 

76

 

 

5

 

 

29

 

 

53

 

77

 

 

6

 

 

30

 

 

54

 

78

 

 

7

 

 

31

 

 

55

 

79

 

 

8

 

 

32

 

 

56

 

80

 

 

9

 

 

33

 

 

57

 

81

 

 

10

 

 

34

 

 

58

 

82

 

 

11

 

 

35

 

 

59

 

83

 

 

12

 

 

36

 

 

60

 

84

 

 

13

 

 

37

 

 

61

 

85

 

 

14

 

 

38

 

 

62

 

86

 

 

15

 

 

39

 

 

63

 

87

 

 

16

 

 

40

 

 

64

 

88

 

 

17

 

 

41

 

 

65

 

89

 

 

18

 

 

42

 

 

66

 

90

 

 

19

 

 

43

 

 

67

 

91

 

 

20

 

 

44

 

 

68

 

92

 

 

21

 

 

45

 

 

69

 

93

 

 

22

 

 

46

 

 

70

 

94

 

 

23

 

 

47

 

 

71

 

95

 

 

24

 

 

48

 

 

72

 

96

 

 

 

 

 

 

 

िनयम 20. िनषाद समाज थानीय इकाई िनमाण हते ु पंजीकरण ताव प          प 19 सेवा म 

         ीमान …………………… मुिखया िनषाद प रवार          प रवार मांक ………………. गाँव/नगर/वाड …………………..

ेही वजातीय बंधु             हम जल जंगल पहाड़ एवं नदी घाटी के वािसय , कृित पर आि त समदु ाय आ दवािसय क सामािजक एकता और िवकास के िलए वचै ा रक मतभदे को समा करने के िलए िविध को सव बनाते ए अपने समाज के िलए िनषाद पसनल लॉ का िनमाण कया गया ह।ै िनषाद का पसनल लॉ का िनमाण करने वाले बुि जीवी िनषाद ने िनषाद पसनल लॉ के अनस ुार समाज के सभी काय और गितिविधय को करने और कराने के ित अ सर ह।ै 

         िजसम यह व था कया गया ह ै क िनषाद पसनल लॉ के आधार पर पूरे भारत म िनवािसत सभी िनषाद ि य का पसनल लॉ के साथ नाम व ह ता र उनक वीकृित िलिखत प म ा कया जाय। िजसस े सबका वा तिवक आकँ णा उपल ध होगा िजसस े समाज के आव यकता अनु प सहयोग कया जा सकेगा।  

          िजसके म म अपने स मािनत गाँव/नगर/वाड म िनषाद पसनल लॉ के अनुसार कायकारणी का

िनमाण और िव तार करने के िलए मुझ ाथ न उ पसनल लॉ अनुसार िन मत के ीय कायकारणी से सद यता ा करके अनुमोदन ा कया ह ै और अपने थानीय इकाई के िव तार का िज मा ाथ ने वीकार कया ह।ै पसनल लॉ अनसु ार मझु िव तारक क िज मेवारी ह ै क अपने समाज के सभी लोग क सं या और वीकृत सरकार तक ेिषत करने म सही सही आँकणा के ीय कायकारणी को तुत कर। िजसके ित आप सभी प रवार तक वीकृत प ेिषत करने और प रवार क सद यता ा करने का िनदश दया गया ह ै िजसके अनसु ार यह प आप ीमान जी के प रवार तक ेिषत ह।ै अपने समदु ाय के एकता और िवकास के िलए िनषाद पसनल लॉ के अनुसार चलने और समाज के साथ रहने के ित सभी प रवार तथा सभी सद य का आकँ णा और िववरण दया जाना आव यक ह।ै  

             अतः आप िनषाद गाँव/नगर/वाड के िनवासी प रवार सं ……………… स े आ ह और िनवेदन ह ै क िनषाद पसनल लॉ के अनुसार एकता म साथ रहने और होने के माण व प अपने प रवार का वा षक अंश दान ………. इकाई …………………        के खाता ………………………… – IFSC –

………………………….. म भजे कर भजे न े के इवट आईडी के साथ अपने प रवार का िववरण इस ाथना प के पृ पर भरकर व सद य के वीकृत व प ह ता र के साथ ेिषत करने क कृपा कर। िनषाद पसनल लॉ पी डी एफ के िलए मोबाइल नं0 7897314809, 7275701101 पर अपनी सद यता के साथ मांग कर अथवा हाड कापी के िलए 100 पया खाते म भेजकर ा कर सकते ह। प रवार सं िनधा रत कये जाने के िवषय म मरे े मो0नं0                         पर स पक कर सकते ह।                   िनषाद के िलए                                             नाम …………………………..

                                                               थानीय िव तारक                                                           गाँव/नगर/वाड इकाई …………..

                                                     …………………………………………….

 

 

प 19 का पृ 

 

         ीमान रा पित महोदय भारत सरकार नई द ली

              ारा

         अ य / वंधक महोदय िनषाद (       ट) के      ीय (पंजीकरण) कायालय          मोह ला चक यारअली, पो0 सदर जौनपुर उ र दशे 222001

िवषय – िनषाद पसनल लॉ वीकृित संक प (प रवार)

          हम िनषाद प रवार ………………… के थानीय इकाई ाम …………………………………..  नगर ………………………………………………………….. जनपद ……………………………………..

दशे ……………………………………….. भारत दशे के इस सचू ी के लोग अपनी इस िनषाद पसनल लॉ को अंगीकृत अिधिनयिमत और आ मा पत करने के प म अपने नाम िववरण के सामने अं कत ितिथ म अपनी वीकृित दान करते ए अपना ह ता र कर रह े ह 

 

नाम

माता / पित

िपता / अिभ

ज मितिथ

यो यता

वसाय

कौशल

िववा िहत 

मोबाइल नंबर

ह ता र

1

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

2

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

3

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

4

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

5

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

6

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

7

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

8

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

9

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

10

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

11

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

12

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

13

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

14

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

15

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

                                                        ह ता र मुिखया 

 

 

 

 

 

िनयम 21.          िनषाद थानीय इकाई िनमाण बैठक सचू ना                   प 20 सेवा म 

         ीमान …………………… मुिखया िनषाद प रवार          प रवार मांक ………………. गाँव/नगर/वाड …………………..

ेही वजातीय बंधु             हम जल जंगल पहाड़ एवं नदी घाटी के वािसय , कृित पर आि त समदु ाय आ दवािसय क सामािजक एकता और िवकास के िलए वचै ा रक मतभदे को समा करने के िलए िविध को सव बनाते ए अपने समाज के िलए िनषाद पसनल लॉ का िनमाण कया गया ह।ै िनषाद का पसनल लॉ का िनमाण करने वाले बुि जीवी िनषाद ने िनषाद पसनल लॉ के अनस ुार समाज के सभी काय और गितिविधय को करने और कराने के ित अ सर ह।ै

           िनषाद पसनल लॉ अनुसार अपनी थानीय तर क कायकारिणय का गठन कया जा रहा ह।ै िजसके म म अपने स मािनत िनषाद गाँव/नगर/वाड इकाई ……………………… के िनषाद के लोग का पंजीकरण कया जाना, पंजीकरण के आधार पर थानीय इकाइय के गठन काय और गितिविधय क जानकारी दया जाना और थानीय शासन सिमितय का काय अिधकार आ द क जानकारी दने े के िलए दनांक ………………… दन ……………………… समय ……………..बज े थान

…………………………………. ……………… …………. … ……………………………………………पर

अपने िनषाद के गणमा य लोग उपि थत आ रह े ह।              अतः आप िनषाद के लोग स े आ ह और िनवेदन ह ै क अिधक से अिधक सं या म उपरो समय और थान पर उपि थत होकर समाज के लोग को सुने िनषाद पसनल लॉ के अनुसार बनन े वाली अपनी थानीय इकाई, शासन सिमित आ द को जाने और अपनी सम या का िनराकरण ा करने म न चूक। 

                                                           िनषाद के िलए                                                   नाम …………………………..

                                                            थानीय िव तारक                                                     गाँव/नगर/वाड इकाई …………..

                                              …………………………………………….

 

 

 

िनयम 22.             िनषाद प रवार पिं जका           प 21 

पिं जका स ं …………….. माकं …………………… वष ……………………….

िनषाद प रवार नाम ………………………………………………………   0 ……………………….. के ाम ………………………………………  नगर …………………………………………………………….

जनपद …………………………………….. देश ……………………………………….. भारत दशे

 

 

नाम

माता / पित

िपता / अिभ

ज मितिथ

यो यता

वसाय

कौशल

िववािह त 

मोबाइल नंबर

1

 

 

 

 

 

 

 

 

 

2

 

 

 

 

 

 

 

 

 

3

 

 

 

 

 

 

 

 

 

4

 

 

 

 

 

 

 

 

 

5

 

 

 

 

 

 

 

 

 

6

 

 

 

 

 

 

 

 

 

7

 

 

 

 

 

 

 

 

 

8

 

 

 

 

 

 

 

 

 

9

 

 

 

 

 

 

 

 

 

10

 

 

 

 

 

 

 

 

 

11

 

 

 

 

 

 

 

 

 

12

 

 

 

 

 

 

 

 

 

13

 

 

 

 

 

 

 

 

 

14

 

 

 

 

 

 

 

 

 

15

 

 

 

 

 

 

 

 

 

16

 

 

 

 

 

 

 

 

 

17

 

 

 

 

 

 

 

 

 

18

 

 

 

 

 

 

 

 

 

19

 

 

 

 

 

 

 

 

 

20

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

िनयम 23.                प रवार पंजीकरण रसीद              प 22

शु क माण प                            शु क रसीद (                                प प 22)

मािणत कया जाता ह ै क

िनषाद जाित उपजाित िव तार पंिजका म

मांक ……………….. पर अं कत उपजाित …………………………..

े िव तार पंिजका के

माक …………………पर अं कत

ाम ………………………………… के प रवार . ……………पर अं कत

प रवार ………………………………. का प रवार सद यता पंजीकरण प के साथ सद यता शु क ₹ अंक म ………….. ₹ श द म ……………………………………..के साथ सध यवाद ा कया। 

       िनषाद ………………………. प रवार के उ वल भिव य क कामना करता ह ै और आशा करता ह ै क िनषाद पसनल लॉ के अनु प चलकर िनधा रत ल य को हािसल करके िनषाद के उ े य को पूरा

करते ए िनषाद को ऊँ चाइय पर प चँ ाने म अपना ब मू य योगदान देते रहगे।    

                                                                                        ह.  

                                                                         द.                 मुहर  

 

 

िनयम 24.             िनषाद पजं ीकृत प रवार पिं जका           प 23

िनषाद े

 िव. .

 

 

 

े ाम / नगर

 

िवकासख ड

 

जनपद

 

 

 

 

दशे

 

ार भ कानर 

 

पंजीकृत प रवार

.

मु य

प रवार सूची 0

मिु खया का नाम

सद य सं 0

सद यता शु क मु0

 

 

दनांक 

इवट आईडी 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

           

 

 

िनयम 25.              िनषाद िवप प रवार पिं जका             प 24

िनषाद े

 िव. .

 

 

े ाम / नगर

 

 

िवकासख ड

 

जनपद

 

 

 

दशे

 

 

ार भ कानर 

 

िवप ी प रवार

.

मु य

प रवार सूची 0

मिु खया का नाम

सद य सं 0

कारण

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

िनयम 26.               12 वष क कायकारणी            प 25

िनषाद

े िव. .

 

 

े ाम / नगर

 

 

 

ताव द.

 

तावक

 

 

 

सहयोगी 

 

 

 

ार भ कानर 

 

तािवत

प रवार

.

पंजीकृत

प रवार 

 

मिु खया का नाम

पद

तािव त

प रवार

.

पंजीकृत

प रवार 

मिु खया का नाम

पद

 

 

 

 

अ य

 

 

 

अ य

 

 

 

 

उपा य

 

 

 

उपा य

 

 

 

 

वंधक

 

 

 

वंधक

 

 

 

 

कोषा य

 

 

 

कोषा य

 

 

 

 

सिचव

 

 

 

सिचव

 

 

 

 

आडीटर

 

 

 

आडीटर

 

 

 

 

सद य 

 

 

 

सद य 

 

 

 

 

सद य 

 

 

 

सद य 

 

 

 

 

सद य 

 

 

 

सद य 

 

 

 

 

सद य 

 

 

 

सद य 

 

 

 

 

सद य 

 

 

 

सद य 

 

 

 

 

सद य 

 

 

 

सद य 

             

 

िनयम 27.           शपथ         प 26

                                                                             िनषाद समाज पदािधकारी शपथ            प

म ………………………………………… पु ………………………………………………………….. िनवासी ……………………………………………………………… सद यता  …………………………… े  ………………., तर ………………………………………. इकाई ………………………………….. के पद ………………………………………. पर मनोनीत/चयिनत कया गया ।ँ 

        म स यिन ा से ित ान करता  ँ क म िनषाद पसनल लॉ म पणू आ था और िव ास रखता  ँ तथा अपने िनषाद पसनल लॉ के िनयम और िनयमावली के अनु प एव ं उससे बढ़ चढ़ कर अ छे से अ छा काय क ं गा / क ँ गी िजसस े िनषाद उ रो र िवकास करे एव ं वा तिवक लोक व था को ा और

दान करने म जो भी आव यक एवं उिचत गितिविध होगी िनयमानुसार करने का शपथ लेता / लेती ।ँ

                                                                              ह ता र दनांक 

 

 

 

िनयम 28. कसी भी ि िजसे िनषाद पसनल लॉ को बताना और अपने िनषाद पसनल लॉ के अनु प चलन े के िलए े रत और िनषाद के िवकास और उ थान के उ े य क पू त म िनषाद पसनल लॉ के ल य को ा कराने म सहयोगी बनाना चहते ह तो उ ह ि गत प स े िन प के साथ अपना िनषाद पसनल लॉ ेिषत कर सकते ह। िजसम 0 के थान पर ि गत ेिषत करने का मांक के ीय कायालय से पूछकर िलखे त प चात अपना सद यता मांक िलख त प ात आपके

ारा भेजने वाल के िजस म म ह वह मांक िलख े और त प ात वष िलख े और दनांक िलख। िलखकर पसनल लॉ और िनयमावली क कापी के साथ भजे द। य द डाक ारा ेिषत क जाती ह ै तो उ क रसीद भी के ीय कायालय म दज करा द।  

 

 

      0        स0 0     /        /वष                                             दनांक  सेवा म 

         ीमान िनषाद …………………. जी

  िनवासी …………………………………………….

िनषाद जी           आपको अवगत कराने म अपार हष और गव महससू कर रहा  ँ क आप जैस े ि हमारे िम / र ते क सचू ी म ह। 

        साथ ही इस बात से भी हम ब त गव ह ै क हम जल, जंगल, पहाड़ एवं नदी घाटी वासी क कुरी, कौम, जाित उपजाित से ह जो जहाँ िनवास कया वहाँ शहर बसे वह सारी सं कृित और स यताएं िनकल कर समाज को आज क ि थित तक प चँ ायी ह और यह मानव समाज आज दसू रे ह पर भी जाने म सफल रहा ह।ै 

           पर तु ब त दःु ख ह ै क इन सब म जीवन क उ पि और स यता के िवकास के मु य पायदान पर हमारा िनषाद य का य पड़ा रह गया ह।ै यहा ँ तक क हमारी कतनी उपजाितयां आज भी नंगे रह रही ह तथा कतने प रवार आज भी उसी जंगली दौर स े गुजर रह े ह। वह आज भी समाज और सामािजक िवकास क मु य धारा म नह जुड़ सके ह साथ ही हमारी वसुधैव कुटु बकम क सं कृित और स यता आज तक पूरी धरती को एक करने म नाकाम रही ह ै और हमारी अ यता क वजह से नागासाक और िहरोिसमा बने और हमारी सोच और सहयोग क कमी से ही हमारा राज रहने के बावजूद हमारे राज पाठ चल े गये लोक व था ख म हो गया।            इन सब का कारण समाज के लोग का अपने सामािजक संगठन का सहयोग न करना ह ै तथा अपन े सामािजक संगठन के साथ न रहना ह।ै हाँ यह बात अव य रही ह ै क िनषाद समाज के हर कसी जाित उपजाित क आ थक ि थित कमजोर कर दी गई क वह अपने पेट के अलावाँ सोच न सके पर तु पेट भरन े के साथ हम अपने घर गहृ थी के हर काय को भी िनभाते ह तो उसी तरह हम समाज म एक रहने के काय को भी घर गृह थी के िलए आव यक काय म से एक समझकर करना चािहए और कर सकत े ह। पर तु समाज व सामािजक काय और गितिविध को समाज के लोग इ ोर करते ह। यही समाज के पतन का मु य कारण ह।ै 

       समाज काय और सामािजक गितिविधय को इ ोर करने का एक और कारण रहा ह ै िबना कसी ठोस रणनीित (ल य) के समाज के िवकास के उ े य को लेकर वन े संगठन तथा उनक लटू नीित भी रही है।         समाज के िवकास का उ े य और उ उ े य क पू त म नधा रत कए गये समाज के हर पहलु िजसम समाज के िवकास के त व िछपे ह ै को िलिखत करके िलिखत प से ल य और उ ल य को ा करने क रणनीित के प म पूरे समाज को िनषाद कहने मानने के कारण सिहत िनषाद पसनल लॉ वनाई गई ह।ै िजस े आप तक भेजा जा रहा ह ै हमारी बल इ छा ह ै क आप भी उस े दखे जान  ेऔर उसपर समाज को एक करने म अपना योगदान कर।

िनषाद पसनल लॉ क ित संल ह।ै

 

 

 

 

िनयम 29 – िनषाद जयतं ी आयोजन उ र दशे सचू ना

ेही वजातीय ब धु!

                           हमारे आरा य ी राम सखा ृंगवेरपुर नरेश गु हु िनषाद जी के पावन नगरी को सरकार ारा सजाने और सवारन े का काय कया गया। पूरे िनषाद के िलए ब त ही हष का िवषय ह।ै यह हष का िवषय हमेशा हमेशा बना रह े इसक िज मेवारी हम िनषाद समाज के एक एक लोग जो वतमान म ह और जो आनवे ाल े ह सबक ह।ै हम सब िनषाद समाज के हर ि क उ दवे थली स े लगाव ह ै और वह सदवै बना रह। िजसके िलए िनषाद समाज े हर तर पर िनषाद समाज क कायसिमितयां बना करके अपने ितिनिधय के मा यम से हमेशा उ क िनगरानी और यान रखे जान े का िवचार कया ह।ै िजसके िलए िनषाद समाज के लोग के िनवास करने के हर थान पर िनषाद समाज के ितिनिधय का चयन कया जाना और हर तर पर उनक सरं ण बाडी बनाया जाना आव यक ह।ै िजसके िलए िनषाद पसनल लॉ बनाई गई ह ै और उ के अनुसार हर तर पर ितिनिधय का चयन कया जाना ह।ै थानीय तर गावँ /वाड/नगर पंचायत पर

ितिनिधय का चयन करन े के िलए तथा थानीय तर के लोग क ा सुमन अपने आरा य तक प चँ ान े के िलए और अपने आरा य का साद उन तक प चँ ाने के िलए हर थानीय तर पर थानीय िव तारक ह गे तथा थानीय िव तारक का ितिनिध व करने के िलए िवकासख ड/ लाक िव तारक ह गे और उनके ऊपर िजला िव तारक ह गे और उनके ऊपर दशे िव तारक ह गे। 

              िव तारक और ितिनिधय को हर वष िनषाद जयंती ृंगवेरपुर म चै शु ल चतुथ व पंचमी को मनाना ह।ै नय े पदािधकारी चै शु ल चतथु को सायंकाल तक ृंगवेरपुर प चँ गे और सायंकाल ही अपनी कायकारणी क अि म वष क गितिविधय और रणनीित को तुत करगे और ातःकाल िनषाद बेला म िनषाद जयंती मनायगे।                परु ाने पदािधकारी अपने अपने तर पर अपने मु यालय पर चै शु ल पंचमी को दनभर के िनषाद जयंती का आयोजन करगे और अपनी लेखा जोखा दगे व अपने कायकाल म के उ कृ काय और गितिविधयां करने वाल को स मािनत करगे।

                थानीय तर पर चतुथ को सायंकाल व ातःकाल िनषाद जी क आरती कर जयंती मनायगे और दन म अपन े िजले के मु यालय पर जाकर िजले क कमेटी के साथ िनषाद जयंती मनायग।े

                  िनषाद जयंती और िनषाद समाज के िवकास के िलए िनषाद समाज (          ट) के पंजीकृत कायालय के खाता स ं 318321010000038 – IFSC – UBIN0931837 म या िनषाद समाज िजला इकाई जबलपरु चाल ू खाता (करट अकाउंट)          वारीघाट    यूको             बक        नंबर        11710210001271,        ऑनलाइन स वस      हते ु      UPI      ID 11710210001271@ucobank  तथा IFSC UCBA0001171 म भेजकर उ  के माण के साथ अपना प रचय

(बायोडाटा) अपने ह ता र के साथ पजं ीकृत कायालय C/O रमेश िनषाद वंधक िनषाद मोह ला चक यारअली, परगना हवेली तहसील सदर जौनपुर उ र दशे 222001 के पते पर या स पक न ं कायकारी 7897314809 व वंधक

7275701101, या जबलपुर कायालय : िनषाद समाज िजला इकाई जबलपुर कायालय C/O राजे                                           संह केवट पता

2582/01, पिव नगर, लालकुआँ, पो ट पोली पाथर, वारीघाट रोड, िजला जबलपुर, म य दशे िपन कोड 482008 के पते पर भेज सकते ह। मो0 नं0 अ य (िनषाद िजला इकाई जबलपुर)9755013821, बंधक (िनषाद िजला इकाई जबलपुर) 9516213054 को भी भेज सकत े ह। 

 

 

 

 

 

 

िनयम 30 – केवट जयंती आयोजन म य दशे सचू ना

ेही वजातीय ब धु!

                           मानव जीवन क उ पि के ारि भक काल के यातायात क पूरी व था ममदश न थालाल केवट हमारे िनषाद समाज के एक महान जल यातायात के सेना नायक थे। इितहास के प से हम उजाड़ने का हर यास था रहा और ह ै पर तु हम कृित पूजक के साथ कृित ह ै उसी ाकृितक छटा के बीच केवटी का कला अपने म य दशे के रीवां िजल े म ह।ै जो पूरे िनषाद समाज के िलए ब त ही हष का िवषय ह।ै यह हष का िवषय हमशे ा हमशे ा बना रह े इसक िज मवे ारी हम िनषाद समाज के एक एक लोग जो वतमान म ह और जो आनवे ाले ह सबक ह।ै हम सब िनषाद समाज के हर ि क उ दवे थली से लगाव ह ै और सदवै बना रह े के िलए िनषाद समाज हर तर पर िनषाद समाज क कायसिमितयां बना करके अपने ितिनिधय के मा यम से हमशे ा उ क िनगरानी और यान रखे जाने का िवचार कया ह।ै िजसके िलए िनषाद समाज के लोग के िनवास करन े के हर थान पर िनषाद समाज के ितिनिधय का चयन कया जाना और हर तर पर उनक संर ण बाडी बनाया जाना आव यक ह।ै िजसके िलए िनषाद पसनल लॉ बनाई गई ह ै और उ के अनुसार हर तर पर ितिनिधय का चयन कया जाना ह।ै थानीय तर गावँ /वाड/नगर पंचायत पर ितिनिधय का चयन करने के

िलए तथा थानीय तर के लोग का ा सुमन अपने आरा य तक प चँ ान े के िलए और अपन े आरा य का साद उन तक प चँ ाने के िलए हर थानीय तर पर थानीय िव तारक ह ग े तथा थानीय िव तारक का ितिनिध व करने के िलए िवकासख ड/ लाक िव तारक ह गे और उनके ऊपर िजला िव तारक ह गे और उनके ऊपर दशे िव तारक ह गे।                       केवटी के कला पर केवट जयंती ित वष वैशाख मास म शु ल प क तृतीया ितिथ अ य तृितया को मनाया जायगे ा। नय े पदािधकारी बशै ाख शु ल ि ितया को सायंकाल तक केवटी के कला रीवां म य देश प चँ गे और सायंकाल ही अपनी कायकारणी क अि म वष क गितिविधय और रणनीित को ततु करगे और ातःकाल िनषाद बेला म केवट जयंती मनायगे।                परु ान े पदािधकारी अपने अपने तर पर अपने मु यालय पर वैशाख मास म शु ल प क ततृ ीया ितिथ अ य तृितया को दनभर के केवट जयतं ी का आयोजन करगे और अपनी लेखा जोखा दगे व अपने कायकाल म के उ कृ काय और गितिविधयां करने वाल को स मािनत करगे।                 थानीय तर पर ि ितया को सायंकाल व ातःकाल केवट जी क आरती कर जयंती मनायग े और दन म अपन े

िजले के मु यालय पर जाकर िजले क कमेटी के साथ केवट जयंती मनायगे।                   केवट जयतं ी और िनषाद समाज के िवकास के िलए िनषाद समाज (           ट) के पंजीकृत कायालय के खाता स ं 318321010000038 – IFSC – UBIN0931837 म या िनषाद समाज िजला इकाई जबलपरु चालू खाता (करट अकाउंट) वारीघाट    यूको        बक        नंबर        11710210001271,        ऑनलाइन स वस      हते ु      UPI      ID 11710210001271@ucobank  तथा IFSC UCBA0001171 म भेजकर उ            के माण के साथ अपना प रचय

(बायोडाटा) अपने ह ता र के साथ पजं ीकृत कायालय C/O रमेश िनषाद वंधक िनषाद मोह ला चक यारअली, परगना हवेली तहसील सदर जौनपुर उ र दशे 222001 के पते पर या स पक न ं कायकारी 7897314809 व वंधक

7275701101, या जबलपुर कायालय : िनषाद समाज िजला इकाई जबलपुर कायालय C/O राजे                                           संह केवट पता

2582/01, पिव नगर, लालकुआँ, पो ट पोली पाथर, वारीघाट रोड, िजला जबलपुर, म य दशे िपन कोड 482008 के पते पर भेज सकते ह। मो0 नं0 अ य (िनषाद िजला इकाई जबलपुर)9755013821, बंधक (िनषाद िजला इकाई जबलपुर) 9516213054 को भी भेज सकत े ह। 

िनयम 31 – अ य जाित उपजाित के काय म को जोड़न े का िवक प -अय िजतन ेभी जाित उपजाित समुदाय जड़ुते रहते ह अपने ई के कायम का िनधारण कराते ह सबक सूचना इसी कार समय समय पर जोड़ा जाता रहगेा। अ य जो भी प क आव यकता होती ह ै या बनाई जाती ह ै िनयम म आगे जोड़ा जाता रहगे ा।

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